ईरान की बड़ी धमकी: हमले हुए तो खाड़ी देशों में पानी की सप्लाई रोकेगा, समुद्री प्लांट निशाने पर
ईरान और अमेरिका के बीच तनाव काफी बढ़ गया है। ईरान की सेना ने चेतावनी दी है कि अगर उसके ऊर्जा और बुनियादी ढांचे पर कोई भी हमला होता है, तो वह खाड़ी क्षेत्र के देशों में पानी की सप्लाई करने वाले अहम ठिकानों को निशाना बनाएगा। इसमें समुद्री पानी को पीने योग्य बनाने वाले डीसैलीनेशन प्लांट्स (Desalination Plants) मुख्य रूप से शामिल हैं। यह बयान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा होर्मुज जलडमरूमध्य को खोलने के लिए दिए गए 48 घंटे के अल्टीमेटम के जवाब में आया है।
🚨: Trump का ईरान को 48 घंटे का अल्टीमेटम, Strait of Hormuz न खोलने पर पावर प्लांट तबाह करने की चेतावनी।
ईरान ने पानी के प्लांट्स को ही निशाना बनाने की बात क्यों कही?
खाड़ी देश जैसे UAE, सऊदी अरब, कुवैत और कतर अपनी पानी की जरूरतों के लिए पूरी तरह से इन मशीनी प्लांट्स पर निर्भर हैं। ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने कहा है कि अगर उनके बिजली संयंत्रों को नुकसान पहुंचाया गया, तो वे अमेरिका और इज़राइल से जुड़े ऊर्जा और आईटी सेक्टर के साथ-साथ इन पानी के प्लांट्स पर भी हमला करेंगे। इससे पहले ईरान ने अमेरिका पर आरोप लगाया था कि उसने केशम द्वीप के एक वाटर प्लांट को निशाना बनाया था जिससे 30 गांवों में पानी की किल्लत हो गई थी।
पिछले कुछ दिनों में इस विवाद में क्या हुआ?
क्षेत्र में जारी तनाव और हालिया घटनाओं को नीचे दी गई तालिका में समझा जा सकता है:
| तारीख | मुख्य घटनाक्रम |
|---|---|
| 21 मार्च, 2026 | राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने होर्मुज जलडमरूमध्य को खोलने के लिए 48 घंटे की चेतावनी दी |
| 22 मार्च, 2026 | ईरान ने जवाबी कार्रवाई में खाड़ी देशों के वाटर सप्लाई सिस्टम को निशाना बनाने की धमकी दी |
| 8 मार्च, 2026 | बहरीन ने ईरान पर ड्रोन हमले का आरोप लगाया जिससे उनके वाटर प्लांट को नुकसान पहुंचा |
| 7 मार्च, 2026 | ईरान ने अमेरिका पर केशम द्वीप के पानी के प्लांट पर मिसाइल दागने का आरोप लगाया |
प्रवासियों और आम लोगों पर इसका क्या असर होगा?
खाड़ी देशों में रहने वाले लाखों भारतीयों और अन्य प्रवासियों के लिए यह खबर चिंताजनक है। अगर इन वाटर प्लांट्स को नुकसान पहुंचता है, तो पीने के पानी की भारी कमी हो सकती है। भू-राजनीतिक जानकारों का कहना है कि पानी की सुविधाओं पर हमला अंतरराष्ट्रीय कानूनों के खिलाफ है और इससे एक बड़ा मानवीय संकट पैदा हो सकता है। फिलहाल अमेरिका और इज़राइल ने ईरान के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है, लेकिन होर्मुज जलडमरूमध्य के बंद होने की धमकी ने पूरी दुनिया की चिंता बढ़ा दी है।




