Saudi Arabia Iran News: सऊदी अरब और ईरान के बीच बढ़ा तनाव, फ्रांस के राष्ट्रपति ने MBS से की बात
मिडिल ईस्ट में ईरान और सऊदी अरब के बीच तनाव एक बार फिर गहरा गया है। फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान (MBS) के साथ फोन पर बातचीत की है। मैक्रों ने ईरान द्वारा किए गए हालिया हमलों को पूरी तरह से गलत बताया। यह बातचीत तब हुई जब ईरान ने सऊदी अरब की तरफ कई ड्रोन भेजे और सऊदी सरकार ने ईरानी राजनयिकों को देश छोड़ने का आदेश दे दिया है।
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सऊदी अरब और ईरान के बीच ताज़ा हालात क्या हैं?
सऊदी अरब ने ईरान के एक सैन्य अधिकारी और चार अन्य राजनयिकों को 24 घंटे के अंदर देश छोड़ने का आदेश दिया है। यह कड़ा कदम ईरान द्वारा सऊदी अरब की ओर लगभग 60 ड्रोन दागने के बाद उठाया गया है। सऊदी एयर डिफेंस ने इनमें से कई ड्रोनों को हवा में ही नष्ट कर दिया जिससे बड़ा नुकसान होने से बच गया। वहीं यूएई ने भी सुरक्षा के मद्देनजर दुबई में स्थित एक ईरानी अस्पताल को बंद करने का फैसला लिया है।
फ्रांस और G7 देशों का इस पर क्या कहना है?
फ्रांस ने ईरान की इन हरकतों को लेकर बहुत सख्त रुख अपनाया है। राष्ट्रपति मैक्रों ने ईरान से मांग की है कि वह क्षेत्रीय हमलों को रोके और हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में जहाजों का रास्ता फिर से खोले। फ्रांस ने अपनी सेना को अलर्ट कर दिया है और समुद्र में युद्धपोत के साथ Charles de Gaulle विमान वाहक पोत को भी तैनात किया है। G7 देशों ने भी ईरान को बिना शर्त ये हमले तुरंत रोकने की चेतावनी दी है।
प्रवासियों और सामान्य नागरिकों के लिए जरूरी अपडेट
| जानकारी | विवरण |
|---|---|
| राजनयिक आदेश | 5 ईरानी अधिकारियों को 24 घंटे में सऊदी छोड़ना होगा। |
| सुरक्षा उपाय | सऊदी और यूएई की डिफेंस प्रणाली ने कई ड्रोन मार गिराए। |
| हवाई मार्ग | विमान सेवाओं और समुद्री व्यापारिक रास्तों पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है। |
| फ्रांसीसी सेना | इराक और सीरिया में फ्रांस के लगभग 800 सैनिक तैनात हैं। |
| नागरिकों की सुरक्षा | प्रवासियों को स्थानीय प्रशासन की सुरक्षा गाइडलाइंस का पालन करने की सलाह दी गई है। |




