Israel Iran War Update: इजरायल ने ईरान पर किया बड़ा हमला, मिसाइल हमले के जवाब में तेहरान को बनाया निशाना
इजरायली सेना (IDF) ने सोमवार को ईरान के खिलाफ हमलों का एक नया और बड़ा दौर शुरू किया है। यह कार्रवाई ईरान द्वारा इजरायल के मध्य और दक्षिणी इलाकों में किए गए बैलिस्टिक मिसाइल हमलों के जवाब में की गई है। इजरायली डिफेंस फोर्सेज ने पुष्टि की है कि उनके लड़ाकू विमानों ने तेहरान में मौजूद ईरानी शासन के महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे और सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया है जिससे वहां काफी नुकसान की खबर है।
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इजरायल ने किन ठिकानों को बनाया निशाना?
इजरायली सेना ने तेहरान में कई महत्वपूर्ण सैन्य ठिकानों पर सटीक हमले किए हैं। इन हमलों में ईरानी सेना का एक बड़ा ट्रेनिंग बेस और रक्षा मंत्रालय के अधीन आने वाले हथियार उत्पादन केंद्र शामिल हैं। इसके अलावा इजरायल ने रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) के एयरफोर्स से जुड़े केंद्रों और ईरानी खुफिया मंत्रालय के मुख्यालय पर भी बमबारी की है। इजरायल का कहना है कि यह हमले ईरान की उस ताकत को खत्म करने के लिए किए गए हैं जिसका इस्तेमाल वह इजरायल पर हमले करने के लिए करता है।
हालिया हमलों और तनाव से जुड़ी मुख्य बातें
ईरान और इजरायल के बीच पिछले कुछ दिनों में हमलों का सिलसिला काफी तेज हो गया है। इन घटनाओं में भारी संख्या में मिसाइलों और ड्रोनों का इस्तेमाल किया गया है जिसका विवरण इस प्रकार है:
| तारीख | प्रमुख घटना |
|---|---|
| 20 मार्च 2026 | ईरानी मिसाइलों ने इजरायल के डिमोना और अराद में हमला किया जिसमें 180 लोग घायल हुए। |
| 21 मार्च 2026 | ईरान की मिसाइल ने रिशोन लेज़िओन में एक स्कूल के पास हमला किया। |
| 22 मार्च 2026 | इजरायल ने जवाबी कार्रवाई करते हुए तेहरान के खुफिया मुख्यालय को निशाना बनाया। |
| 22 मार्च 2026 | UAE ने भी अपने इलाके की सुरक्षा करते हुए ईरान से आए 25 ड्रोन और 4 मिसाइलों को मार गिराया। |
क्षेत्रीय सुरक्षा और प्रवासियों पर इसका असर
ईरान और इजरायल के बीच चल रहे इस युद्ध का असर अब पूरे मिडिल ईस्ट में महसूस किया जा रहा है। हिजबुल्लाह ने उत्तरी इजरायल में 56 से ज्यादा हमले किए हैं जिससे सीमावर्ती इलाकों में तनाव बहुत ज्यादा बढ़ गया है। खाड़ी देशों में रहने वाले भारतीय प्रवासियों के लिए भी यह चिंता का विषय है क्योंकि तनाव बढ़ने से हवाई यात्रा और सुरक्षा नियमों में बदलाव की संभावना बढ़ गई है। ईरान ने धमकी दी है कि अगर उसके बिजली घरों या ऊर्जा केंद्रों पर हमला हुआ तो वह इस क्षेत्र के अन्य महत्वपूर्ण ठिकानों को भी निशाना बना सकता है।




