UAE में घुसे ईरानी मिसाइल और ड्रोन, एयर डिफेंस ने हवा में मार गिराया, अलर्ट जारी
संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में सोमवार तड़के हड़कंप मच गया जब ईरान की तरफ से कई मिसाइल और ड्रोन हमले किए गए। UAE के एयर डिफेंस सिस्टम ने मुस्तैदी दिखाते हुए इन खतरों को हवा में ही नाकाम कर दिया। सरकार ने लोगों को सुरक्षित जगहों पर रहने की सलाह दी है और अपनी सीमाओं की रक्षा के लिए पूरी तैयारी जताई है। इस हमले के बाद पूरे खाड़ी क्षेत्र में सुरक्षा को लेकर चर्चा तेज हो गई है।
UAE सरकार ने सुरक्षा को लेकर क्या कहा?
UAE के रक्षा मंत्रालय (MOD) ने आधिकारिक बयान जारी कर बताया है कि देश की वायु रक्षा प्रणाली ने ईरान से आने वाले मिसाइल और ड्रोन हमलों का प्रभावी ढंग से जवाब दिया है। मंत्रालय ने साफ किया कि रात के समय जो धमाकों की आवाजें सुनाई दीं, वे इन खतरों को नष्ट करने की वजह से थीं। आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NCEMA) ने लोगों से सुरक्षित स्थानों पर रहने और केवल आधिकारिक स्रोतों से मिलने वाली जानकारियों पर भरोसा करने की अपील की है। विदेश मंत्री अब्दुल्ला बिन जायद अल नाहयान ने कहा है कि अमीरात किसी भी आतंकवादी धमकी के आगे नहीं झुकेगा।
हालिया हमलों में कितना नुकसान हुआ?
इन हमलों का असर आम लोगों पर भी पड़ा है। अबू धाबी में मिसाइल का मलबा गिरने से एक भारतीय नागरिक को मामूली चोटें आई हैं। पिछले कुछ दिनों में UAE के ऊपर कई बार हमले की कोशिश की गई है। 22 मार्च को भी 25 ड्रोन और 4 बैलिस्टिक मिसाइलों को नष्ट किया गया था। सऊदी अरब, कुवैत और बहरीन ने भी इसी तरह के खतरों की सूचना दी है और मिलकर इसका जवाब दे रहे हैं।
| घटना की तारीख | खतरे का प्रकार | मौजूदा स्थिति |
|---|---|---|
| 21 मार्च 2026 | 3 बैलिस्टिक मिसाइल, 8 ड्रोन | सफलतापूर्वक रोके गए |
| 22 मार्च 2026 | 25 ड्रोन, 4 मिसाइल | हवा में मार गिराए |
| 23 मार्च 2026 | मिसाइल और ड्रोन हमला | डिफेंस सिस्टम ने रोका |
| नुकसान की रिपोर्ट | 6 नागरिक और 2 सैनिक मौत | 160 लोग घायल |
प्रवासियों पर इन हमलों का क्या असर होगा?
UAE में रहने वाले भारतीय, पाकिस्तानी और नेपाली नागरिकों के लिए सुरक्षा के नए दिशा-निर्देश जारी किए जा सकते हैं। मलबे के कारण होने वाली दुर्घटनाओं को देखते हुए लोगों को खुले इलाकों से बचने की सलाह दी गई है। सरकार ने आश्वासन दिया है कि देश की संप्रभुता और राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए वह पूरी तरह तैयार है। अमेरिका के साथ सुरक्षा साझेदारी को और मजबूत करने पर भी विचार किया जा रहा है ताकि भविष्य में ऐसे खतरों को जड़ से खत्म किया जा सके।




