Israel और US का Iran पर नया हमला, ईरान ने दी खाड़ी देशों के पावर प्लांट को निशाना बनाने की चेतावनी
इजरायल और अमेरिका ने ईरान के खिलाफ जंग में नए हमलों की शुरुआत की है। ईरान के क्रांतिकारी गार्ड ने सोमवार सुबह सरकारी टेलीविजन पर चेतावनी दी कि अगर उसके पावर प्लांट को निशाना बनाया गया, तो वह जवाबी कार्रवाई में इजरायल और उन खाड़ी देशों के पावर प्लांट पर हमला करेगा जहां अमेरिकी मिलिट्री बेस मौजूद हैं। इस तनाव के बीच रूस ने बुशहर परमाणु केंद्र के पास हमलों को लेकर गहरी चिंता जताई है और इसे बेहद खतरनाक बताया है।
ईरान की जवाबी कार्रवाई की क्या है तैयारी?
ईरान ने साफ कर दिया है कि वह अपनी सुरक्षा के लिए किसी भी हद तक जा सकता है। ईरान के सैन्य कमांडरों ने घोषणा की है कि अगर अमेरिका अपनी धमकियों पर आगे बढ़ता है, तो वे Strait of Hormuz को तुरंत बंद कर देंगे। ईरान ने उन देशों को भी सचेत किया है जो अमेरिका को बिजली या सैन्य सुविधा दे रहे हैं। ईरान की तैयारी से जुड़ी मुख्य बातें नीचे दी गई हैं:
- ईरान उन आर्थिक और औद्योगिक केंद्रों को निशाना बनाएगा जिनमें अमेरिकी हिस्सेदारी है।
- इजरायल के संचार और ऊर्जा ढांचे पर बड़े पैमाने पर हमले की योजना है।
- ईरान ने समुद्री रास्तों में नेवल माइन्स बिछाने की धमकी दी है।
- ईरान के विदेश मंत्रालय ने कहा है कि अभी रास्ता बंद नहीं है लेकिन जहाजों की कड़ी चेकिंग हो रही है।
व्यापार और सुरक्षा पर हमले का प्रभाव
इस युद्ध का सबसे बड़ा असर समुद्री व्यापार पर पड़ा है। 28 फरवरी से शुरू हुई इस जंग के बाद से Strait of Hormuz से गुजरने वाले टैंकरों की संख्या में भारी कमी आई है। अमेरिका ने ईरान की सैन्य क्षमताओं को खत्म करने के लिए उसके इंफ्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाना शुरू कर दिया है। वर्तमान स्थिति को नीचे दी गई टेबल से समझा जा सकता है:
| मुख्य जानकारी | वर्तमान स्थिति/आंकड़े |
|---|---|
| टैंकर ट्रैफिक में कमी | लगभग 86 प्रतिशत तक गिरा |
| हमले का शिकार हुए कमर्शियल जहाज | 24 जहाज (1 मार्च के बाद से) |
| अमेरिकी राष्ट्रपति का अल्टीमेटम | 48 घंटे की समय सीमा (24 मार्च को समाप्त) |
| युद्ध की संभावित अवधि | सितंबर तक खिंचने की संभावना |
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को 48 घंटे की मोहलत दी है कि वह Strait of Hormuz को पूरी तरह बिना किसी खतरे के खोल दे। दूसरी ओर इजरायली सेना के प्रवक्ता ने कहा है कि ईरान और हिजबुल्लाह के खिलाफ यह लड़ाई अभी कई हफ्तों तक जारी रह सकती है। खाड़ी क्षेत्र में रहने वाले प्रवासियों और व्यापारिक गतिविधियों के लिए आने वाले दिन काफी चुनौतीपूर्ण हो सकते हैं क्योंकि ऊर्जा संकट और समुद्री रास्तों के बंद होने का खतरा बढ़ गया है।




