Hormuz Strait Crisis: रूस ने अमेरिका और इज़राइल को दी चेतावनी, ट्रंप ने ईरान को दिया 2 दिन का अल्टीमेटम
रूस ने अमेरिका और इज़राइल से Strait of Hormuz में चल रहे तनाव को कम करने की अपील की है। रूस ने चेतावनी दी है कि वहां किसी भी सैन्य कार्रवाई से पूरा मध्य पूर्व सुलग सकता है। खाड़ी देशों में रहने वाले भारतीयों और प्रवासियों के लिए यह खबर काफी अहम है क्योंकि इसी रास्ते से दुनिया भर में तेल की सप्लाई होती है। अभी यहां समुद्री सुरक्षा जोखिम अपने सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गया है जिससे जहाजों की आवाजाही पर बड़ा खतरा मंडरा रहा है।
रूस की चेतावनी और अमेरिका का कड़ा रुख
रूस की विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता Maria Zakharova ने ज़ोर देकर कहा है कि Strait of Hormuz में जहाजों की आवाजाही का समाधान बातचीत के जरिए ही निकाला जाना चाहिए। इसी सिलसिले में रूसी राष्ट्रपति Vladimir Putin ने ईरान के राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian से भी फोन पर बात की है। रूस ने साफ कर दिया है कि अमेरिका के नेतृत्व वाले गठबंधन में शामिल होने वाले देशों को अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत संघर्ष का पक्षकार माना जाएगा।
दूसरी तरफ, अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने 23 मार्च 2026 को एक बड़ा अल्टीमेटम जारी किया है। अमेरिका ने ईरान को Strait of Hormuz पूरी तरह खोलने के लिए सिर्फ 2 दिन का समय दिया है। चेतावनी दी गई है कि अगर ईरान ऐसा नहीं करता है, तो उसके पावर प्लांट्स को निशाना बनाया जाएगा। इस तनाव की वजह से वैश्विक तेल बाज़ार और पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था पर बुरा असर पड़ने की संभावना है।
ईरान का पलटवार और अंतरराष्ट्रीय कानून की स्थिति
ईरान की Revolutionary Guards ने अमेरिका की धमकी का कड़ा जवाब दिया है। ईरान का कहना है कि अगर उसके बिजली घरों पर हमला हुआ, तो वे Strait of Hormuz को पूरी तरह बंद कर देंगे। ईरान ने यह भी कहा है कि यह रास्ता तब तक बंद रहेगा जब तक कि तबाह हुए पावर प्लांट दोबारा नहीं बन जाते। इसके अलावा ईरान ने इस क्षेत्र में अमेरिका और इज़राइल से जुड़े ऊर्जा और सूचना तंत्रों को भी निशाना बनाने की बात कही है।
- Strait of Hormuz को अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत एक इंटरनेशनल स्ट्रेट माना जाता है जहां से जहाजों को गुजरने का अधिकार है।
- UN Convention on the Law of the Sea के तहत युद्ध के समय भी इस रास्ते को रोकना कानूनी रूप से सही नहीं है।
- International Energy Agency के प्रमुख Fatih Birol ने इसे दुनिया की अर्थव्यवस्था के लिए बहुत बड़ा खतरा बताया है।
- इज़राइल के प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu ने कहा है कि वे और अमेरिका इस मुद्दे पर मिलकर काम कर रहे हैं।
इस संकट का असर सीधे तौर पर तेल की कीमतों और खाड़ी देशों में काम कर रहे लाखों प्रवासियों पर पड़ सकता है। रूस लगातार अपील कर रहा है कि स्थिति को और बिगड़ने से बचाने के लिए तुरंत हमले रोके जाएं और बातचीत का रास्ता अपनाया जाए।




