Ben Gurion Airport Update: ईरान के मिसाइल हमले के बाद यात्रियों को सुरक्षित ठिकानों पर भेजा गया, उड़ानों के लिए नए नियम लागू
23 मार्च 2026 को ईरान की तरफ से दागी गई मिसाइलों के बाद इजरायल के Ben Gurion Airport पर हड़कंप मच गया। तेल अवीव में सायरन बजते ही एयरपोर्ट पर मौजूद यात्रियों को तुरंत सुरक्षित बंकरों और शेल्टरों में भेजा गया। इस हमले के बाद इजरायल के परिवहन मंत्रालय ने सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए हवाई यात्रा के लिए नई पाबंदियां लागू कर दी हैं ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके।
एयरपोर्ट पर यात्रियों और उड़ानों के लिए क्या हैं नए नियम?
इजरायल के परिवहन मंत्रालय ने Ben Gurion Airport के लिए सख्त गाइडलाइन जारी की है जो 23 मार्च की शाम 5:00 बजे से प्रभावी हो गई है। नए नियमों के अनुसार, अब हर घंटे केवल एक विमान के टेकऑफ और लैंडिंग की अनुमति दी जाएगी। इसके अलावा, एक फ्लाइट में केवल 50 यात्रियों को ही बाहर जाने की अनुमति होगी। परिवहन मंत्री Miri Regev ने साफ किया है कि यात्रियों की जान बचाना उनकी पहली प्राथमिकता है और इन नियमों को IDF के Home Front Command के साथ मिलकर तैयार किया गया है।
मिसाइल हमलों और क्षेत्रीय सुरक्षा पर क्या असर हुआ?
ईरान के इस हमले के बाद पूरे मध्य पूर्व में तनाव की स्थिति बनी हुई है। इजरायली सेना के अनुसार ईरान अब तक 400 से ज्यादा बैलिस्टिक मिसाइलें दाग चुका है, जिनमें से 92 प्रतिशत को मार गिराया गया है। खाड़ी देशों और अन्य अपडेट्स को नीचे दी गई तालिका में समझा जा सकता है:
| प्रमुख घटना | विवरण |
|---|---|
| मिसाइल हमला | ईरान ने 75वीं लहर में सैकड़ों मिसाइलें दागीं। |
| घायलों की संख्या | पिछले 24 घंटों में हमलों के कारण 153 लोग घायल हुए। |
| Saudi Arabia अलर्ट | सऊदी रक्षा मंत्रालय ने 23 मार्च को दो बैलिस्टिक मिसाइलें इंटरसेप्ट कीं। |
| Bahrain की कार्रवाई | बहरीन ने अब तक 147 मिसाइलें और 282 ड्रोन मार गिराए हैं। |
| वैश्विक प्रभाव | IEA ने तेल संकट और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर बड़े खतरे की चेतावनी दी है। |
| Lebanon में हमला | इजरायली सेना ने दक्षिणी लेबनान में Hezbollah के ठिकानों पर जवाबी कार्रवाई की। |
इस स्थिति का सीधा असर खाड़ी देशों में रहने वाले प्रवासियों और वहां से यात्रा करने वाले लोगों पर भी पड़ रहा है। हवाई मार्ग बाधित होने के कारण कई उड़ानों के समय में बदलाव किया गया है। ईरान ने धमकी दी है कि अगर उसके पावर प्लांट पर हमला हुआ तो वह होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को पूरी तरह बंद कर सकता है, जिससे वैश्विक तेल आपूर्ति ठप हो सकती है।




