Pakistan Security Forces: ईद की पूर्व संध्या पर बलूचिस्तान में युवक की हत्या, सुरक्षा बलों की कार्रवाई पर उठे सवाल
पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत के मस्तुंग जिले में ईद अल-फितर की पूर्व संध्या पर एक युवक की कथित तौर पर गोली मारकर हत्या कर दी गई। मृतक के परिवार ने Frontier Corps (FC) के जवानों पर इस घटना का आरोप लगाया है। यह घटना मार्च 2026 में किल्ली कारेज़ सोर इलाके में हुई है जिससे पूरे क्षेत्र में सुरक्षा बलों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।
इस घटना को लेकर परिवार ने क्या आरोप लगाए हैं?
मोहम्मद आमिर के परिवार का आरोप है कि Frontier Corps के जवान बिना किसी अरेस्ट वारंट के उनके घर में घुसे थे। उन्होंने ऑपरेशन के दौरान न तो कोई पुलिस केस दर्ज किया और न ही कोई सबूत दिखाया। परिवार के मुताबिक आमिर को घर से बाहर ले जाकर उन पर गोलियां चलाई गईं। इसके बाद सुरक्षा बल शव को अपने साथ ले गए और लगभग 12 घंटे बाद उसे वापस किया गया। परिवार का दावा है कि उन्हें और स्थानीय बुजुर्गों को जबरन कुछ दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करने के लिए मजबूर किया गया जिन्हें उन्हें पढ़ने भी नहीं दिया गया था।
बलूचिस्तान में मानवाधिकारों और प्रदर्शनों की मौजूदा स्थिति
इस घटना के बाद बलूचिस्तान और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विरोध तेज हो गया है। मानवाधिकार संगठनों ने इस तरह की घटनाओं पर चिंता व्यक्त की है।
- Baloch Yakjehti Committee (BYC): इस संगठन ने क्वेटा में ईद के दिन विरोध प्रदर्शन किया और जबरन गायब किए गए लोगों की रिहाई की मांग की।
- Baloch National Movement (BNM): इस संगठन ने दक्षिण कोरिया के बुसान में प्रदर्शन कर मानवाधिकारों के उल्लंघन का मुद्दा उठाया।
- लापता लोग: रिपोर्ट के अनुसार 2026 के शुरुआती दो महीनों में ही 200 से अधिक लोग लापता हुए हैं।
- Kill and Dump Policy: मानवाधिकार समूहों ने पाकिस्तानी सुरक्षा बलों पर एक्स्ट्रा-जुडिशियल हत्याओं और अंतरराष्ट्रीय कानूनों के उल्लंघन का आरोप लगाया है।
फिलहाल Frontier Corps की ओर से इस विशिष्ट घटना पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। स्थानीय लोग और मानवाधिकार संगठन सुरक्षा बलों की जवाबदेही तय करने की मांग कर रहे हैं।




