Strait of Hormuz पर UAE का कड़ा रुख, सुल्तान अल जाबेर बोले- इसे रोकना पूरी दुनिया के लिए आर्थिक आतंकवाद
संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के उद्योग और उन्नत प्रौद्योगिकी मंत्री और ADNOC के ग्रुप सीईओ डॉ. सुल्तान अहमद अल जाबेर ने Strait of Hormuz को लेकर बड़ा बयान दिया है। ह्यूस्टन में आयोजित CERAWeek सम्मेलन के दौरान उन्होंने कहा कि इस समुद्री रास्ते को हथियार की तरह इस्तेमाल करना एक तरह का आर्थिक आतंकवाद है। इसका असर केवल ऊर्जा बाजार पर नहीं बल्कि पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था पर पड़ता है। उन्होंने जोर दिया कि ऊर्जा सुरक्षा केवल एक नारा नहीं है, बल्कि यह दुनिया भर में बिजली और सप्लाई चेन को चालू रखने का आधार है।
Strait of Hormuz दुनिया के लिए इतना महत्वपूर्ण क्यों है?
डॉ. अल जाबेर ने समझाया कि 21 मील चौड़ा यह रास्ता वैश्विक व्यापार की मुख्य धमनी है। इस रास्ते से दुनिया का लगभग पांचवां हिस्सा तेल और गैस का व्यापार होता है। इसके अलावा, दुनिया का एक तिहाई उर्वरक (Fertilizer) और लगभग एक चौथाई पेट्रोकेमिकल्स इसी मार्ग से होकर गुजरते हैं। अगर इस रास्ते में किसी भी तरह की बाधा आती है, तो इसका सीधा असर दुनिया भर के खेतों, कारखानों और परिवारों पर पड़ता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी देश को Strait of Hormuz को बंधक बनाने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए।
इस विवाद से जुड़े हालिया घटनाक्रम क्या हैं?
पिछले कुछ दिनों में Strait of Hormuz को लेकर तनाव काफी बढ़ गया है, जिसके मुख्य बिंदु नीचे दिए गए टेबल में समझे जा सकते हैं:
| तारीख | मुख्य घटनाक्रम |
|---|---|
| 23 मार्च 2026 | डॉ. सुल्तान अल जाबेर ने इसे आर्थिक आतंकवाद करार दिया और वैश्विक सुरक्षा की मांग की। |
| 23 मार्च 2026 | राष्ट्रपति Donald Trump ने ईरान को दिया गया 48 घंटे का अल्टीमेटम फिलहाल आगे बढ़ाया। |
| 22 मार्च 2026 | ईरान ने कहा कि रास्ता खुला है, लेकिन ‘दुश्मन’ जहाजों को सुरक्षा तालमेल करना होगा। |
| 21 मार्च 2026 | UAE और 21 अन्य देशों ने ईरान द्वारा जहाजों पर किए जा रहे हमलों की कड़ी निंदा की। |
| 19 मार्च 2026 | IMO ने ईरान की धमकियों के खिलाफ प्रस्ताव पारित किया, जिसे UAE ने पेश किया था। |
UAE के राजनयिक सलाहकार अनवर गर्गाश ने भी संकेत दिए हैं कि व्यापार और ऊर्जा के प्रवाह को सुनिश्चित करने के लिए UAE जहाजों की सुरक्षा के लिए बनाए जाने वाले अंतरराष्ट्रीय गठबंधन में शामिल हो सकता है। फिलहाल तनाव के कारण Saudi Aramco के सीईओ ने भी सम्मेलन से अपनी दूरी बनाई है, जो इस मुद्दे की गंभीरता को दर्शाता है।




