Iran-US Negotiations News: ईरान के नए सुप्रीम लीडर का कड़ा रुख, अमेरिका से बातचीत के दावों को संसद अध्यक्ष ने बताया फेक न्यूज़
सोशल मीडिया पर ईरान और अमेरिका के बीच बातचीत शुरू होने की खबरें तेजी से वायरल हो रही हैं। रिपोर्ट में दावा किया गया कि ईरान के नए सुप्रीम लीडर Mojtaba Khamenei और Mostafa Khamenei बातचीत के लिए मान गए हैं। लेकिन ईरान के आधिकारिक सूत्रों और बयानों ने इस खबर को पूरी तरह खारिज कर दिया है। ईरान का कहना है कि वह अभी किसी भी तरह के समझौते के मूड में नहीं है और न ही ऐसी कोई सहमति बनी है।
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ईरान ने बातचीत के दावों पर क्या कहा है?
- ईरान की संसद के स्पीकर Mohammad Bagher Qalibaf ने अमेरिका के साथ बातचीत की खबरों को सिरे से खारिज किया है।
- उन्होंने इन दावों को फेक न्यूज़ करार दिया और कहा कि यह केवल तेल बाज़ारों को प्रभावित करने की एक कोशिश है।
- सैन्य सलाहकार Mohsen Rezaei के मुताबिक, ईरान का सैन्य अभियान तब तक जारी रहेगा जब तक उन पर लगे आर्थिक प्रतिबंध पूरी तरह नहीं हट जाते।
- ईरान ने शर्त रखी है कि अमेरिका को ईरान के आंतरिक मामलों में दखल न देने की अंतरराष्ट्रीय गारंटी देनी होगी।
- ईरान की तरफ से अभी किसी भी समझौते पर हस्ताक्षर करने या टेबल पर बैठने की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
सुप्रीम लीडर Mojtaba Khamenei का ताज़ा रुख क्या है?
ईरान के नए सुप्रीम लीडर Mojtaba Khamenei ने साफ कर दिया है कि अभी शांति या तनाव कम करने का सही समय नहीं है। हाल ही में दो मध्यस्थ देशों के माध्यम से भेजे गए बातचीत के प्रस्तावों को भी उन्होंने स्वीकार नहीं किया है। सुप्रीम लीडर का मानना है कि जब तक अमेरिका और इजरायल अपनी हार नहीं मान लेते और हर्जाना नहीं भरते, तब तक कोई समझौता नहीं होगा।
उनकी पहली विदेश नीति बैठक में यह रुख काफी सख्त रहा है। विदेशी मीडिया की उन खबरों का कोई ठोस आधार नहीं मिला है जिसमें कहा गया था कि ईरान झुकने को तैयार है। ईरान के नेतृत्व ने साफ़ संकेत दिए हैं कि वे केवल अपनी शर्तों पर ही भविष्य में कोई विचार करेंगे। इस स्थिति का सीधा असर खाड़ी देशों की सुरक्षा और वहां रहने वाले प्रवासियों पर भी पड़ता है, क्योंकि क्षेत्र में तनाव बने रहने से कई व्यापारिक समीकरण बदल सकते हैं।





