Crude Oil Price Update: ईरान के इनकार के बाद फिर 100 डॉलर के पार पहुँचा कच्चा तेल, बाज़ार में बढ़ी हलचल
कच्चे तेल की कीमतों में एक बार फिर बड़ी उछाल देखने को मिली है और अंतरराष्ट्रीय बाजार में दाम 100 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर चले गए हैं। यह बदलाव तब आया जब ईरान ने अमेरिका के साथ किसी भी तरह की बातचीत होने की खबरों को सिरे से खारिज कर दिया। सऊदी अरब की न्यूज वेबसाइट Akhbar24 ने 24 मार्च 2026 को जानकारी दी कि बातचीत के इनकार के बाद तेल की कीमतों में यह तेजी दर्ज की गई है।
तेल की कीमतों में अचानक तेजी आने की मुख्य वजह क्या है?
सऊदी रिसर्च एंड मीडिया ग्रुप की रिपोर्ट के मुताबिक ईरान के कड़े रुख के बाद बाजार में घबराहट बढ़ी है। इससे पहले 23 मार्च को तेल के दाम 11 प्रतिशत तक गिर गए थे क्योंकि अमेरिका ने अपने सैन्य हमले को 5 दिनों के लिए टाल दिया था। White House के इस फैसले से लोगों को लगा था कि कूटनीति के जरिए मामला सुलझ जाएगा। लेकिन ईरान के ताजा बयान ने तेल की सप्लाई को लेकर फिर से चिंता पैदा कर दी है।
- 23 मार्च 2026 को तेल की कीमतों में 11 प्रतिशत की बड़ी गिरावट आई थी
- ईरान ने ओमान में चल रही गुप्त वार्ताओं से इनकार किया है
- International Energy Agency ने इस संकट को 1970 के दशक से भी गंभीर बताया है
ईरान और अमेरिका के बीच मौजूदा विवाद के बड़े अपडेट
मिडिल ईस्ट में तनाव लगातार बना हुआ है और इसका सीधा असर पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था पर पड़ रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति ने पहले चेतावनी दी थी कि अगर Strait of Hormuz को 48 घंटों के भीतर नहीं खोला गया तो ईरान के पावर प्लांट्स को निशाना बनाया जाएगा। इसके जवाब में ईरानी संसद के अध्यक्ष Mohammad Baqer Qalibaf ने कहा कि अगर हमला हुआ तो पूरे क्षेत्र के ऊर्जा ठिकानों को भारी नुकसान पहुँचाया जाएगा।
| संस्था/व्यक्ति | महत्वपूर्ण बयान या फैसला |
|---|---|
| White House | ईरानी ठिकानों पर होने वाले हमलों को 5 दिन के लिए टाला |
| Akhbar24 | तेल की कीमत 100 डॉलर के पार जाने की पुष्टि की |
| Fatih Birol (IEA) | मौजूदा संकट को तेल के पिछले झटकों से ज्यादा खतरनाक बताया |
खाड़ी देशों में रहने वाले भारतीय प्रवासियों के लिए यह खबर महत्वपूर्ण है क्योंकि तेल की कीमतों में बदलाव का सीधा असर महंगाई और फ्लाइट टिकटों के दामों पर पड़ता है। फिलहाल पूरी दुनिया की नजर Muscat Protocol पर टिकी है जिसके जरिए बातचीत को आगे बढ़ाने की कोशिश की जा रही है।




