Strait of Hormuz बंद होने से दुनिया में बढ़ी टेंशन, EU प्रमुख ने US और Iran से की शांति की अपील
European Commission की अध्यक्ष Ursula von der Leyen ने US और Iran से तुरंत बातचीत की मेज पर आने की अपील की है। उन्होंने कहा है कि Strait of Hormuz का बंद होना और जारी युद्ध अब तुरंत रुकना चाहिए। 24 मार्च 2026 को दिए अपने बयान में उन्होंने ईरान द्वारा कमर्शियल शिपिंग पर हमलों की निंदा की है। फिलहाल इस तनाव की वजह से दुनिया भर में ऊर्जा की सप्लाई को लेकर बड़ा संकट खड़ा हो गया है और कई देशों ने इस पर चिंता जताई है।
Strait of Hormuz को लेकर अब तक के बड़े अपडेट क्या हैं?
इस पूरे मामले में पिछले 24 घंटों में कई बड़े घटनाक्रम हुए हैं जो ग्लोबल मार्केट और सुरक्षा पर असर डाल रहे हैं:
- US President Donald Trump ने ईरान के ऊर्जा ठिकानों पर होने वाले हमलों को फिलहाल 5 दिनों के लिए टाल दिया है।
- Iran ने अमेरिका के साथ किसी भी सीधी बातचीत से इनकार किया है और समुद्री रास्ते पर अपना कड़ा नियंत्रण बताया है।
- South Korea के विदेश मंत्री ने भी ईरान से मांग की है कि वह जहाजों की आवाजाही के लिए सुरक्षित रास्ता सुनिश्चित करे।
- Slovenia तेल की किल्लत की वजह से फ्यूल राशनिंग लागू करने वाला पहला यूरोपीय देश बन गया है।
- Israel और अमेरिका मिलकर 28 फरवरी से ‘Operation Epic Fury’ के तहत कार्रवाई कर रहे हैं।
अंतरराष्ट्रीय कानून और व्यापार पर इसका क्या असर होगा?
Strait of Hormuz दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण व्यापारिक रास्तों में से एक है और इसे बंद करना अंतरराष्ट्रीय नियमों के खिलाफ माना जाता है। इस स्थिति से जुड़ी कुछ मुख्य बातें नीचे दी गई टेबल में देख सकते हैं:
| विषय | विवरण | |
|---|---|---|
| UNCLOS नियम | अंतरराष्ट्रीय समुद्री रास्तों से जहाजों के गुजरने पर कोई रोक नहीं लगा सकता। | |
| UKMTO का सुझाव | ईरान द्वारा मार्ग बंद करने की घोषणा को कानूनी रूप से मान्य नहीं माना गया है। | |
| Bahrain का कदम | बहरीन ने सुरक्षा परिषद में नौवहन की स्वतंत्रता को लेकर एक ड्राफ्ट पेश किया है। | |
| ईरान की धमकी | ईरान ने कहा है कि अगर US ने हमला किया तो वह हमेशा के लिए रास्ता बंद कर देगा। |
विशेषज्ञों का कहना है कि अगर यह रास्ता ज्यादा समय तक बंद रहता है तो खाड़ी देशों से आने वाले कच्चे तेल की कीमतें बहुत बढ़ सकती हैं। इसका सीधा असर भारत जैसे देशों पर भी पड़ेगा जो अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए इस रास्ते पर निर्भर हैं।




