US और Israel का ईरान के कई शहरों पर हमला, डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा शुरू हुई शांति की बातचीत
अमेरिका और इजरायल ने ईरान के कई शहरों पर मिसाइलें दागी हैं जिससे मिडिल ईस्ट में तनाव बढ़ गया है। इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने दावा किया है कि युद्ध को खत्म करने के लिए उनकी ईरान से बहुत अच्छी बातचीत चल रही है। उन्होंने ईरान के बिजली घरों और ऊर्जा केंद्रों पर होने वाले हमलों को पांच दिनों के लिए टालने का आदेश दिया है। हालांकि, ईरान के कुछ बड़े नेताओं ने सीधे तौर पर किसी भी बातचीत से इनकार किया है और इसे केवल मनोवैज्ञानिक दबाव बताया है।
क्या ईरान और अमेरिका के बीच सच में बातचीत शुरू हो गई है?
अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump का कहना है कि पिछले दो दिनों से वाशिंगटन और तेहरान के बीच बहुत सकारात्मक बातचीत हुई है। उनका मानना है कि इस मौके का इस्तेमाल करके एक बड़ा समझौता किया जा सकता है जो इलाके में शांति लाएगा। दूसरी तरफ ईरान के संसद स्पीकर Mohammad Baqer Qalibaf ने इस दावे को गलत खबर बताया है। उनके मुताबिक अमेरिका केवल तेल के बाजार को प्रभावित करने के लिए ऐसी बातें कर रहा है।
हालांकि पर्दे के पीछे से कुछ कोशिशें होती दिख रही हैं। खबर है कि पाकिस्तान, तुर्की और मिस्र जैसे देश दोनों देशों के बीच मध्यस्थता कर रहे हैं। पाकिस्तान के इस्लामाबाद में इस हफ्ते कुछ बड़ी बैठकें होने की भी चर्चा है जिसमें अमेरिकी उप-राष्ट्रपति JD Vance शामिल हो सकते हैं। ईरान के विदेश मंत्रालय के एक अधिकारी ने भी संकेत दिया है कि उन्हें बिचौलियों के जरिए अमेरिका की तरफ से कुछ प्रस्ताव मिले हैं जिस पर विचार किया जा रहा है।
हमलों का अब तक क्या असर हुआ और कितने लोग प्रभावित हुए?
इस युद्ध की शुरुआत 28 फरवरी 2026 से मानी जा रही है और अब तक भारी नुकसान हुआ है। नीचे दी गई टेबल में आप मौजूदा स्थिति का अंदाजा लगा सकते हैं:
| विषय | ताजा जानकारी और नुकसान |
|---|---|
| नागरिकों की जान | 28 फरवरी से अब तक करीब 1443 आम लोग मारे गए हैं |
| सैन्य हमले | CENTCOM ने ईरान के 9000 से ज्यादा ठिकानों पर हमला किया |
| ईरान का पलटवार | ईरान ने तेल अवीव और इजरायली ठिकानों पर 78वीं लहर में मिसाइलें दागीं |
| पड़ोसी देश | कुवैत में बिजली की लाइनें गिरीं और ओमान में लोगों को अलर्ट जारी हुआ |
| ताजा हमले | ईरान के इस्फ़हान और खोर्रमशहर में गैस पाइपलाइन को निशाना बनाया गया |
क्या अब हमले पूरी तरह रुक गए हैं?
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने साफ किया है कि राष्ट्रपति का आदेश केवल ऊर्जा और बिजली से जुड़े ठिकानों के लिए है। सैन्य ठिकानों, बैलिस्टिक मिसाइल प्लांट और ईरान की नौसेना पर हमले पहले की तरह जारी रहेंगे। इजरायल के प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu ने भी कहा है कि वे ईरान और लेबनान में अपने सैन्य अभियान जारी रखेंगे।
खाड़ी देशों में रहने वाले लोगों और प्रवासी भारतीयों के लिए चिंता की बात यह है कि ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को बंद करने और समुद्र में बारूदी सुरंगें बिछाने की धमकी दी है। अगर यह रास्ता बंद होता है तो तेल की सप्लाई और हवाई सफर पर बड़ा असर पड़ सकता है। फिलहाल अमेरिका ने ईरान को इस रास्ते को खोलने के लिए एक समय सीमा दी है जिस पर आने वाले दिनों में फैसला होगा।




