Ashwini Vaishnaw का बड़ा ऐलान, अब बिना सेट-टॉप बॉक्स के देख सकेंगे टीवी चैनल, युवाओं को मिलेगी मुफ्त AI ट्रेनिंग
केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने 23 मार्च 2026 को देश की ‘ऑरेंज इकोनॉमी’ को रफ्तार देने के लिए तीन नई योजनाओं का अनावरण किया। इन पहलों का मुख्य उद्देश्य कंटेंट क्रिएटर्स को सशक्त बनाना, रोजगार के नए अवसर पैदा करना और डिजिटल सेवाओं को आम जनता के लिए सस्ता बनाना है। सरकार ने इसके लिए गूगल और यूट्यूब जैसी कंपनियों के साथ हाथ मिलाया है ताकि भारतीय युवाओं को भविष्य की तकनीक के लिए तैयार किया जा सके।
युवाओं के लिए फ्री AI ट्रेनिंग और MyWAVES प्लेटफॉर्म की शुरुआत
सरकार ने इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ क्रिएटिव टेक्नोलॉजीज (IICT) के साथ मिलकर नेशनल AI स्किलिंग प्रोग्राम शुरू किया है। इस प्रोग्राम के तहत 15,000 युवाओं और मीडिया प्रोफेशनल्स को गूगल की मदद से मुफ्त ट्रेनिंग दी जाएगी। यह ट्रेनिंग दो चरणों में पूरी होगी। पहले चरण में जून 2026 तक बुनियादी AI स्किल्स सिखाई जाएंगी और दूसरे चरण में दिसंबर 2026 तक एडवांस स्टोरीटेलिंग और जेमिनी जैसे आधुनिक टूल्स की जानकारी दी जाएगी। इसके अलावा WAVES OTT पर ‘MyWAVES’ नाम का प्लेटफॉर्म लाया गया है, जहां कोई भी नागरिक अपने बनाए हुए वीडियो और कहानियां दुनिया के साथ साझा कर सकता है।
टीवी दर्शकों के लिए खुशखबरी, अब नहीं होगी सेट-टॉप बॉक्स की जरूरत
दूरदर्शन फ्री डिश देखने वालों के लिए सरकार ने एक बड़ी तकनीकी सुविधा पेश की है। अब बाजार में ऐसे टीवी सेट उतारे जाएंगे जिनमें सैटेलाइट ट्यूनर पहले से लगा होगा। इससे दर्शकों को अलग से सेट-टॉप बॉक्स खरीदने या उसके लिए अलग रिमोट रखने की जरूरत नहीं पड़ेगी। अश्विनी वैष्णव ने बताया कि इससे टीवी देखना सस्ता होगा और तारों का झंझट खत्म होगा। साथ ही टीवी में एक नया इलेक्ट्रॉनिक प्रोग्राम गाइड (EPG) भी होगा जिससे चैनल और प्रोग्राम ढूंढना बहुत आसान हो जाएगा। यह सुविधा खास तौर पर दूर-दराज के इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए बहुत मददगार साबित होगी।
| योजना का नाम | मुख्य जानकारी |
|---|---|
| नेशनल AI स्किलिंग | 15,000 लोगों को मुफ्त ट्रेनिंग मिलेगी |
| मुख्य पार्टनर | गूगल, यूट्यूब और IICT |
| MyWAVES | आम लोगों के लिए कंटेंट अपलोड करने का प्लेटफॉर्म |
| टीवी टेक्नोलॉजी | टीवी में ही इन-बिल्ट सैटेलाइट ट्यूनर की सुविधा |
| ट्रेनिंग का समय | मार्च 2026 से दिसंबर 2026 तक |
| मुख्य उद्देश्य | डिजिटल तकनीक को सस्ता और सुलभ बनाना |




