अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध टालने की कोशिश, ट्रंप ने हमलों पर लगाई 5 दिन की रोक, पाकिस्तान बना कूटनीतिक मध्यस्थ
अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव को कम करने के लिए बड़ी कूटनीतिक हलचल शुरू हुई है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के ऊर्जा ठिकानों पर होने वाले हमलों को 5 दिनों के लिए टाल दिया है। इस पूरे मामले में पाकिस्तान, तुर्की और मिस्र मिलकर मध्यस्थ की भूमिका निभा रहे हैं। कूटनीतिक प्रयासों की वजह से फिलहाल क्षेत्र में बड़े युद्ध का खतरा कम होता नजर आ रहा है।
ट्रंप ने हमलों पर क्यों लगाई रोक और आगे क्या होगा?
राष्ट्रपति ट्रंप ने Pentagon को निर्देश दिया है कि ईरान पर प्रस्तावित हमलों को अगले 5 दिनों तक टाल दिया जाए। यह फैसला पिछले दो दिनों में हुई महत्वपूर्ण बातचीत के बाद लिया गया है। ट्रंप ने संकेत दिया है कि वह इस हफ्ते शांति के लिए बातचीत को और आगे बढ़ाना चाहते हैं। इस कदम को कूटनीति की पहली बड़ी सफलता के रूप में देखा जा रहा है।
- Pentagon अब 5 दिनों तक ईरान के ठिकानों पर कोई हमला नहीं करेगा।
- अमेरिका और ईरान के बीच बैकचैनल के जरिए संदेशों का आदान-प्रदान जारी है।
- आने वाले दिनों में शांति वार्ता को और विस्तार देने की योजना है।
पाकिस्तान और अन्य देशों की कूटनीतिक भूमिका क्या है?
पाकिस्तान के Army Chief जनरल Asim Munir ने Donald Trump से फोन पर बात की है। इसके साथ ही प्रधानमंत्री Shehbaz Sharif ने ईरानी राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian से शांति प्रयासों पर चर्चा की है। पाकिस्तान ने Islamabad को शांति वार्ता के लिए एक सुरक्षित जगह के रूप में भी पेश किया है। तुर्की और मिस्र के विदेश मंत्री भी अमेरिकी दूत Steve Witkoff और ईरानी विदेश मंत्री Abbas Araghchi के बीच कड़ियाँ जोड़ने का काम कर रहे हैं।
ईरान ने हालांकि अमेरिका के साथ सीधी बातचीत से फिलहाल इनकार किया है। लेकिन ईरान के प्रवक्ता Esmaeil Baqaei ने साफ किया है कि वे मित्र देशों के माध्यम से मिल रहे संदेशों को सुन रहे हैं और उन पर अपनी बात रख रहे हैं। शांति की इस कोशिश में पाकिस्तान और तुर्की एक अहम केंद्र बनकर उभरे हैं ताकि मिडिल ईस्ट में बड़े संघर्ष को रोका जा सके।




