Iran War Update: चीन ने दी चेतावनी, कहा ईरान में लंबा संघर्ष किसी के हित में नहीं, अमेरिका ने 5 दिन के लिए टाले हमले
चीन के विदेश मंत्रालय ने ईरान में चल रहे संघर्ष को लेकर गहरी चिंता जताई है और सभी पक्षों से तुरंत युद्ध रोकने की अपील की है। बीजिंग का मानना है कि ईरान में लंबा तनाव किसी भी देश के हित में नहीं होगा और इससे पूरे पश्चिम एशिया में संकट फैल सकता है। इसी बीच अमेरिका ने ईरान के पावर प्लांट्स पर होने वाले हमलों को फिलहाल 5 दिनों के लिए टाल दिया है। चीनी प्रवक्ता लिन जियान ने कहा है कि केवल बातचीत और कूटनीति ही इस समस्या का समाधान निकाल सकते हैं।
चीन की मुख्य चिंताएं और उठाए गए कदम
चीन ने इस स्थिति को संभालने के लिए कई महत्वपूर्ण बयान दिए हैं और मदद की पेशकश की है। प्रवक्ता लिन जियान के अनुसार सैन्य बल किसी भी समस्या का हल नहीं है और इससे केवल नई नफरत पैदा होगी। चीन ने निम्नलिखित मुख्य बातों पर ज़ोर दिया है:
- चीन ने ईरान, जॉर्डन, लेबनान और इराक को आपातकालीन मानवीय सहायता भेजने का फैसला किया है।
- बीजिंग ने नागरिक ठिकानों पर हमलों और ईरानी नेताओं को निशाना बनाने के बयानों पर आपत्ति जताई है।
- चीन का मानना है कि इस युद्ध का असर दुनिया भर के व्यापार, शिपिंग और ऊर्जा क्षेत्र पर पड़ रहा है।
- क्षेत्रीय स्थिरता बनाए रखने के लिए सभी पक्षों से तुरंत सैन्य अभियान रोकने की मांग की गई है।
अमेरिका का फैसला और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर असर
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 23 मार्च 2026 को घोषणा की कि वे ईरान के पावर प्लांट्स पर हमले 5 दिन के लिए टाल रहे हैं। ट्रंप ने संकेत दिया है कि ईरान के साथ बातचीत के रास्ते खुल रहे हैं और होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को फिर से खोलने पर चर्चा हो सकती है। हालांकि, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इस युद्ध का असर काफी गहरा बताया जा रहा है।
| संस्था या व्यक्ति | मुख्य जानकारी और प्रभाव |
|---|---|
| Fatih Birol (IEA) | यह युद्ध वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए बड़ा खतरा है, तेल की कीमतों पर असर 1970 के दशक से भी बुरा हो सकता है। |
| ईरानी विदेश मंत्रालय | पुष्टि की कि अमेरिका से मध्यस्थों के जरिए कुछ प्रस्ताव मिले हैं जिन पर फिलहाल विचार चल रहा है। |
| Friedrich Merz (जर्मन चांसलर) | हमलों को टालने के फैसले के लिए राष्ट्रपति ट्रंप का आभार व्यक्त किया। |
| चीन की चेतावनी | युद्ध के फैलने से वैश्विक अर्थव्यवस्था और ऊर्जा सप्लाई को बड़ा नुकसान हो सकता है। |
इंटरनेशनल एनर्जी एजेंसी (IEA) के प्रमुख ने चेतावनी दी है कि इस संघर्ष का गैस और तेल बाजार पर असर रूस-यूक्रेन युद्ध से भी अधिक घातक हो सकता है। वर्तमान में होर्मुज जलडमरूमध्य का रास्ता लगभग बंद है, जिससे दुनिया भर में ऊर्जा की कीमतों पर भारी दबाव बना हुआ है।




