राहुल गांधी ने भारत की विदेश नीति को बताया ‘यूनिवर्सल जोक’, पाकिस्तान और अमेरिका के बीच बातचीत की खबरों पर छिड़ा विवाद
लोक सभा में विपक्ष के नेता Rahul Gandhi ने भारत की विदेश नीति को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला किया है। राहुल गांधी ने पाकिस्तान द्वारा अमेरिका और ईरान के बीच मध्यस्थता की खबरों पर प्रतिक्रिया देते हुए इसे केंद्र सरकार की विफलता बताया है। उन्होंने कहा कि भारत की विदेश नीति अब प्रधानमंत्री की निजी नीति बन चुकी है जिसका अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बुरा प्रभाव पड़ रहा है। विपक्ष के नेता का यह बयान उस समय आया है जब क्षेत्र में नए कूटनीतिक समीकरण बनने की खबरें आ रही हैं।
राहुल गांधी और कांग्रेस ने क्या आरोप लगाए हैं?
Rahul Gandhi ने 24 मार्च 2026 को दिए अपने बयान में कहा कि भारत की विदेश नीति दुनिया के लिए एक मजाक बन गई है। उन्होंने दावा किया कि प्रधानमंत्री मोदी पश्चिम एशिया के संघर्ष को लेकर पूरी तरह से Donald Trump के नियंत्रण में हैं। कांग्रेस महासचिव Jairam Ramesh ने भी इस मुद्दे पर अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि अगर पाकिस्तान वास्तव में अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत की सुविधा प्रदान कर रहा है, तो यह भारत के लिए एक बड़ा राजनयिक झटका माना जाएगा। विपक्षी नेताओं का मानना है कि महत्वपूर्ण वैश्विक मुद्दों पर भारत की भूमिका कम होना चिंताजनक है।
पाकिस्तान की भूमिका और अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया क्या है?
पाकिस्तान के विदेश कार्यालय के प्रवक्ता Tahir Hussain Andrabi ने पुष्टि की है कि उनका देश अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत की मेजबानी करने के लिए तैयार है। खबरों के अनुसार पाकिस्तान के साथ-साथ सऊदी अरब, मिस्र और तुर्की भी इस प्रक्रिया में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। इस पूरे मामले से जुड़ी कुछ प्रमुख जानकारियां इस प्रकार हैं:
- व्हाइट हाउस ने कहा है कि फिलहाल यह मामला काफी संवेदनशील है और अभी किसी औपचारिक बैठक की पुष्टि नहीं की गई है।
- ईरान के अधिकारियों ने अमेरिका के साथ किसी भी सीधी बातचीत की खबर को फेक न्यूज बताकर खारिज किया है।
- पाकिस्तान के प्रधानमंत्री Shehbaz Sharif और ईरानी राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian के बीच हाल के दिनों में संपर्क की खबरें हैं।
- विशेषज्ञों के अनुसार कई देश तनाव कम करने के प्रयास कर रहे हैं लेकिन किसी बड़े समझौते की संभावना फिलहाल कम दिखती है।
- रिपोर्ट्स के मुताबिक पाकिस्तान के आर्मी चीफ Asim Munir ने भी इस संबंध में अमेरिकी अधिकारियों से बातचीत की है।
इन घटनाक्रमों के बीच भारत में राजनीतिक बहस तेज हो गई है। कांग्रेस पार्टी का कहना है कि पड़ोस में पाकिस्तान की बढ़ती कूटनीतिक सक्रियता भारत के हितों के लिए सही नहीं है। वहीं सरकार की ओर से फिलहाल इस आलोचना पर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।




