Iran Energy Infrastructure Attack: ईरान के गैस और पावर स्टेशनों पर हुआ हमला, खाड़ी देशों में तनाव बढ़ने की आशंका
ईरान के ऊर्जा क्षेत्र पर 24 मार्च 2026 को बड़ा हमला हुआ है। ईरानी मीडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, US और इजरायल ने ईरान के गैस प्रशासन भवनों और स्टेशनों को निशाना बनाया है। इस्फ़हान (Isfahan) में गैस प्रेशर रिडक्शन स्टेशन पर हमला हुआ, जिससे वहां आंशिक नुकसान पहुँचा है। इस बीच ईरान ने भी इजरायल पर कई मिसाइलें दागी हैं, जिससे Tel Aviv में कुछ इमारतों को नुकसान हुआ है।
ईरान में हमले से क्या-क्या नुकसान हुआ?
फार्स न्यूज एजेंसी (Fars News Agency) ने इस हमले की जानकारी विस्तार से साझा की है। हमले का मुख्य असर इन जगहों पर देखा गया है:
- Isfahan: यहां के गैस प्रशासन भवन और एक प्रेशर स्टेशन पर हमला हुआ जिससे इमारत को नुकसान पहुँचा है।
- Khorramshahr: यहां के पावर प्लांट के बाहर एक मिसाइल गिरी है, हालांकि अच्छी बात यह रही कि कोई जान-माल का नुकसान नहीं हुआ।
- Gas Supply: खुर्रमशहर के अधिकारियों के मुताबिक, हमले के बावजूद गैस की सप्लाई में कोई रुकावट नहीं आई है।
- Tel Aviv: ईरान के पलटवार में इजरायल के तेल अवीव में एक इमारत पर सीधा हमला हुआ और 4 लोग मामूली घायल हुए।
प्रवासियों और खाड़ी देशों पर इस युद्ध का क्या असर होगा?
मिडिल ईस्ट में बढ़ते इस तनाव का असर वहां रह रहे भारतीय प्रवासियों और तेल की कीमतों पर पड़ना तय माना जा रहा है। ट्रंप प्रशासन और ईरान के बयानों से स्थिति और गंभीर हो गई है:
| तारीख/पक्ष | महत्वपूर्ण घटना या बयान |
|---|---|
| Donald Trump | ऊर्जा ठिकानों पर हमले रोकने का 5 दिन का अल्टीमेटम दिया था। |
| Operation Epic Fury | US अधिकारियों ने कहा कि सैन्य ठिकानों पर हमले जारी रहेंगे। |
| Oman | ओमान के विदेश मंत्रालय ने ऊर्जा ठिकानों पर हमले को क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए खतरा बताया है। |
| IRGC Warning | ईरान ने चेतावनी दी है कि हमला होने पर वह क्षेत्रीय ऊर्जा ग्रिड को निशाना बनाएगा। |
खाड़ी देशों में रहने वाले प्रवासियों के लिए चिंता की बात यह है कि ईरान के संसद अध्यक्ष (Parliament Speaker) ने पहले ही चेतावनी दी है कि बिजली संयंत्रों पर हमले से पूरे मिडिल ईस्ट में ऊर्जा संकट पैदा हो सकता है। इससे न केवल तेल की कीमतें बढ़ेंगी बल्कि समुद्री रास्तों पर भी असर पड़ेगा।




