ईरान और मिस्र के विदेश मंत्रियों के बीच हुई बातचीत, क्षेत्रीय तनाव और युद्ध को लेकर हुई गंभीर चर्चा
ईरान के विदेश मंत्री Seyed Abbas Araghchi और मिस्र के विदेश मंत्री Badr Abdelatty के बीच मंगलवार, 24 मार्च 2026 को टेलीफोन पर लंबी बातचीत हुई। इस चर्चा के दौरान दोनों नेताओं ने क्षेत्र में हो रहे बदलावों और ईरान पर हुए हमलों के अंतरराष्ट्रीय असर पर बात की। ईरान की ओर से इसे आत्मरक्षा के अधिकार के तौर पर पेश किया गया, जबकि मिस्र ने बढ़ते सैन्य तनाव को लेकर अपनी गहरी चिंता जताई है।
🚨: Iran-UK Tension: ईरान ने ब्रिटेन को दी चेतावनी, कहा अमेरिकी और इजरायली हमलों का विरोध करना जरूरी।
बातचीत के मुख्य बिंदु और वर्तमान स्थिति
ईरान के विदेश मंत्री Araghchi ने साफ तौर पर कहा कि ईरान को अपनी सुरक्षा करने का कानूनी हक है। उन्होंने अमेरिका और इजरायल की कार्रवाई को गैर-कानूनी बताया। Araghchi के अनुसार, अब अमेरिका के साथ किसी भी तरह की बातचीत का रास्ता हमेशा के लिए बंद हो गया है क्योंकि पुराने अनुभव और वादे भरोसेमंद नहीं रहे। ईरान चाहता है कि युद्ध को केवल रोका न जाए बल्कि इसे पूरी तरह खत्म किया जाए और हुए नुकसान की भरपाई की गारंटी दी जाए।
क्षेत्रीय शांति के लिए मिस्र की कोशिशें
मिस्र के विदेश मंत्री Badr Abdelatty ने बातचीत के दौरान बताया कि वे क्षेत्र में तनाव कम करने के लिए लगातार अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों के संपर्क में हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर सैन्य हमले नहीं रुके, तो पूरा क्षेत्र बड़े संकट में फंस सकता है। मिस्र ने शांति के लिए निम्नलिखित कदम उठाने पर जोर दिया है:
- क्षेत्र में सैन्य अभियानों को तुरंत रोककर कूटनीतिक रास्ते तलाशना जरूरी है।
- मिस्र ने संयुक्त अरब रक्षा समझौते को सक्रिय करने की मांग उठाई है।
- पड़ोसी देशों जैसे पाकिस्तान और ओमान की मध्यस्थता की कोशिशों पर भी चर्चा हुई।
- मिस्र किसी भी बाहरी सुरक्षा व्यवस्था को क्षेत्र पर थोपने के खिलाफ है।
- विदेशी मंत्रियों ने इराक और तुर्की जैसे देशों के साथ भी इस मुद्दे पर बातचीत की है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, पाकिस्तान फिलहाल अमेरिका और ईरान के बीच शांति वार्ता के लिए मध्यस्थ की भूमिका निभाने की कोशिश कर रहा है। मिस्र के विदेश मंत्री ने अमेरिकी दूत Steve Witkoff से भी संभावित बातचीत को लेकर चर्चा की है।




