अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध टलने के संकेत, राष्ट्रपति ट्रंप ने हमले का फैसला 5 दिनों के लिए रोका
अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने ईरान पर होने वाले सैन्य हमलों को फिलहाल पांच दिनों के लिए टाल दिया है। ट्रुथ सोशल पर जारी संदेश में ट्रंप ने बताया कि दोनों देशों के बीच बातचीत काफी सकारात्मक रही है और युद्ध को खत्म करने के लिए चर्चा चल रही है। भारत के पूर्व राजनयिक Ashok Sajjanhar का मानना है कि यह मिडिल ईस्ट में तनाव कम होने का एक बड़ा संकेत हो सकता है। फिलहाल इजरायल और ईरान के बीच यह संघर्ष अपने चौथे हफ्ते में पहुंच गया है।
ट्रंप ने ईरान पर सैन्य कार्रवाई को क्यों टाला?
राष्ट्रपति ट्रंप ने जानकारी दी है कि ईरान के साथ पिछले दो दिनों में बहुत अच्छी और काम की बातचीत हुई है। इस बातचीत का मुख्य उद्देश्य मिडिल ईस्ट में जारी दुश्मनी को पूरी तरह से खत्म करना है। ट्रंप ने डिपार्टमेंट ऑफ वॉर को सख्त निर्देश दिए हैं कि ईरान के बिजली घरों और ऊर्जा ठिकानों पर होने वाले हमलों को 5 दिनों के लिए रोक दिया जाए। यह रोक इस बात पर निर्भर करेगी कि आगे की बातचीत कितनी सफल रहती है। अमेरिका में नवंबर में होने वाले चुनावों और घरेलू आर्थिक दबाव को भी इस फैसले के पीछे एक बड़ी वजह माना जा रहा है।
विशेषज्ञों की राय और मौजूदा स्थिति का विवरण
पूर्व राजनयिक Ashok Sajjanhar का कहना है कि अमेरिका अपने शुरुआती सैन्य लक्ष्यों को हासिल करने में नाकाम रहा है, इसलिए अब बातचीत का रास्ता चुना जा रहा है। अमेरिका में बढ़ती महंगाई और कच्चे तेल की ऊंची कीमतों की वजह से जनता में नाराजगी है। उन्होंने यह भी साफ किया कि पाकिस्तान इस मामले में बिचौलिया नहीं बन सकता क्योंकि उस पर किसी भी पक्ष को भरोसा नहीं है। इस बीच इजरायल ने भी अपनी कार्रवाई जारी रखी है और हिजबुल्लाह के ठिकानों पर हमले किए हैं।
| तारीख / समय | महत्वपूर्ण घटनाक्रम |
|---|---|
| 28 फरवरी 2026 | ईरान के खिलाफ सैन्य अभियान की शुरुआत हुई थी |
| 23 मार्च 2026 | ट्रंप ने सैन्य हमले टालने का आधिकारिक ऐलान किया |
| 24 मार्च 2026 | इजरायल ने हिजबुल्लाह के खुफिया यूनिट मुख्यालय पर हमला किया |
| नवंबर 2026 | अमेरिका में मिड-टर्म चुनाव होने वाले हैं |
आम जनता और प्रवासियों पर इसका क्या असर होगा?
मिडिल ईस्ट में जारी इस तनाव का सीधा असर पूरी दुनिया के शेयर बाजार और तेल की कीमतों पर पड़ रहा है। अगर यह युद्ध टलता है, तो कच्चे तेल की कीमतें स्थिर हो सकती हैं जिससे खाड़ी देशों में रहने वाले प्रवासियों और भारत में रहने वाले आम लोगों को बड़ी राहत मिलेगी। पेट्रोल और डीजल के दाम कम होने से महंगाई पर लगाम लग सकेगी। अमेरिका और ईरान के बीच शांति वार्ता की शुरुआत दुनिया भर के लिए एक अच्छी खबर के रूप में देखी जा रही है।




