Strait of Hormuz Security: बहरीन ने UN में रखा प्रस्ताव, समुद्री रास्ते को सुरक्षित रखने के लिए ताकत के इस्तेमाल की मांग
बहरीन ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में एक महत्वपूर्ण प्रस्ताव का मसौदा पेश किया है। इस प्रस्ताव का मुख्य उद्देश्य हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में जहाजों की आवाजाही को सुरक्षित बनाना है। इस मसौदे में सदस्य देशों को जरूरत पड़ने पर सैन्य बल यानी सभी आवश्यक साधनों का उपयोग करने की अनुमति देने की बात कही गई है। यह कदम ईरान द्वारा इस समुद्री रास्ते में लगातार दी जा रही धमकियों और व्यापारिक जहाजों पर होने वाले हमलों के जवाब में उठाया गया है।
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प्रस्ताव में क्या खास प्रावधान रखे गए हैं?
बहरीन द्वारा पेश किए गए इस मसौदे में समुद्री सुरक्षा को लेकर कई सख्त नियम शामिल किए गए हैं जो अंतरराष्ट्रीय व्यापार के लिए जरूरी हैं।
- सदस्य देशों को हॉर्मुज जलसंधि के आसपास सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए बल प्रयोग करने का अधिकार देने की मांग की गई है।
- यह अधिकार तटीय राज्यों के क्षेत्रीय समुद्री जल के अंदर भी लागू होगा ताकि जहाजों को रोकने की कोशिशों को नाकाम किया जा सके।
- प्रस्ताव में व्यापारिक जहाजों पर होने वाले हमलों की कड़ी निंदा की गई है क्योंकि इससे ऊर्जा सुरक्षा और वैश्विक अर्थव्यवस्था प्रभावित होती है।
- इसमें ईरान से साफ तौर पर कहा गया है कि वह जहाजों पर हमले और समुद्री रास्तों में रुकावट पैदा करना तुरंत बंद करे।
- संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के मसौदे में नियम न मानने वालों पर लक्षित प्रतिबंध लगाने की भी बात कही गई है।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर क्या है स्थिति?
इस प्रस्ताव को लेकर दुनिया के बड़े देशों की अलग-अलग राय है, जिससे इसके लागू होने पर संशय बना हुआ है।
| पक्ष | देश और उनकी भूमिका |
|---|---|
| समर्थक गुट | बहरीन के साथ अन्य खाड़ी देश और अमेरिका इस सख्त प्रस्ताव के पक्ष में खड़े हैं। |
| संभावित विरोध | रूस और चीन इस प्रस्ताव को वीटो कर सकते हैं क्योंकि वे ईरान के पुराने सहयोगी माने जाते हैं। |
| वैकल्पिक रास्ता | फ्रांस ने एक नरम प्रस्ताव पेश किया है जिसमें बल प्रयोग या ईरान के नाम का जिक्र नहीं किया गया है। |
ईरान की ओर से चेतावनी दी गई है कि अगर उनके इलाकों पर कोई हमला हुआ तो वे पूरे खाड़ी समुद्री मार्ग में बारूदी सुरंगें बिछा देंगे। मार्च 2026 की शुरुआत में भी ईरान के हमलों की निंदा करते हुए एक प्रस्ताव अपनाया गया था। फिलहाल हॉर्मुज का रास्ता व्यापारिक जहाजों के लिए काफी चुनौतीपूर्ण बना हुआ है और सैन्य तैनाती के कारण तनाव बना रहता है।




