लेबनान ने ईरानी राजदूत को देश से निकाला, 29 मार्च तक का दिया अल्टीमेटम
लेबनान सरकार ने ईरान के साथ अपने कूटनीतिक रिश्तों में बड़ी सख्ती दिखाते हुए वहां के नवनियुक्त राजदूत Mohammad Reza Shibani को देश से बाहर निकालने का आदेश दिया है। सरकार ने उन्हें ‘पर्सोना नॉन ग्राटा’ यानी अवांछित व्यक्ति घोषित कर दिया है और मंगलवार 24 मार्च 2026 से उनकी मान्यता रद्द कर दी है। ईरानी राजदूत को देश छोड़ने के लिए रविवार 29 मार्च 2026 तक का समय दिया गया है। लेबनान ने यह फैसला अपने आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप और राजनयिक नियमों के उल्लंघन की वजह से लिया है।
लेबनान सरकार ने क्यों लिया ईरानी राजदूत के खिलाफ इतना बड़ा फैसला?
लेबनान के विदेश मंत्रालय ने बेरुत में ईरानी प्रभारी अधिकारी Tufiq Samadi Khoshkhou को बुलाकर इस फैसले की जानकारी दी है। लेबनान के प्रधानमंत्री Nawaf Salam ने ईरान की IRGC पर गंभीर आरोप लगाए हैं कि वे लेबनान सरकार की सहमति के बिना देश में ऑपरेशंस चला रहे हैं, जिससे लेबनान युद्ध जैसी स्थिति में जा रहा है। इससे पहले 13 मार्च को भी लेबनान ने ईरान को एक लिखित पत्र भेजकर अपनी नाराजगी जताई थी और स्पष्ट किया था कि वह अपने अंदरूनी मामलों में किसी भी तरह की दखलअंदाजी बर्दाश्त नहीं करेगा।
विवाद से जुड़ी मुख्य जानकारी और नई पाबंदियां
इस कूटनीतिक तनाव के बीच लेबनान ने केवल राजदूत को ही नहीं निकाला, बल्कि ईरान में तैनात अपने खुद के राजदूत Ahmad Sweidan को भी विचार-विमर्श के लिए वापस बुला लिया है। लेबनान और ईरान के बीच बिगड़ते रिश्तों का असर अब अन्य नियमों पर भी दिखने लगा है।
| विवरण | महत्वपूर्ण जानकारी |
|---|---|
| ईरानी राजदूत का नाम | Mohammad Reza Shibani |
| निकाले जाने की तारीख | 24 मार्च 2026 |
| देश छोड़ने की डेडलाइन | 29 मार्च 2026 |
| वीज़ा नियम में बदलाव | ईरानी यात्रियों के लिए वीज़ा फिर से अनिवार्य हुआ |
| अन्य कार्रवाई | IRGC से जुड़े लोगों को देश से निकालने का एलान |
लेबनान ने हाल ही में ईरानी नागरिकों के लिए वीज़ा नियमों को फिर से लागू कर दिया है। इसके साथ ही सरकार ने उन व्यक्तियों को भी निकालने की घोषणा की है जिनके संबंध ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) से पाए जाएंगे। लेबनान के विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता Denise Rahme ने इन सभी घटनाक्रमों की पुष्टि की है।




