इजरायल ने ईरान के खिलाफ अपना लक्ष्य किया साफ, परमाणु और मिसाइल खतरों को पूरी तरह खत्म करने का है इरादा
भारत में इजरायल के राजदूत Reuven Azar ने ईरान को लेकर अपनी रणनीति और सैन्य उद्देश्यों को साझा किया है। उन्होंने बताया कि इजरायल का मुख्य उद्देश्य ईरान की सरकार द्वारा पैदा किए गए खतरों को पूरी तरह से खत्म करना है। इसमें मुख्य रूप से ईरान के परमाणु कार्यक्रम और बैलिस्टिक मिसाइल सिस्टम को निष्क्रिय करना शामिल है। राजदूत ने यह भी स्पष्ट किया कि इजरायल अपनी सुरक्षा मांगों पर कोई समझौता नहीं करेगा और सैन्य अभियान तब तक जारी रहेंगे जब तक लक्ष्य पूरे नहीं हो जाते।
इजरायल के मुख्य लक्ष्य और वर्तमान रणनीति क्या है?
राजदूत Reuven Azar ने ईरान के खतरे को कम करने के लिए एक तीन-सूत्रीय योजना पेश की है। इसका पहला उद्देश्य परमाणु खतरे को खत्म करना और दूसरा बैलिस्टिक मिसाइल क्षमता को पूरी तरह निष्क्रिय करना है। तीसरा लक्ष्य ईरान के अंदर दमनकारी ताकतों की क्षमता को कम करना है ताकि वहां के आम लोग अपना भविष्य खुद तय कर सकें। इजरायल का कहना है कि वे कूटनीति का समर्थन करते हैं लेकिन अपनी मुख्य सुरक्षा जरूरतों पर पीछे नहीं हटेंगे।
- परमाणु और मिसाइल ठिकानों को निशाना बनाना प्राथमिकता है।
- लेबनान में Hezbollah के खिलाफ सैन्य कार्रवाई जारी रहेगी।
- अमेरिका के साथ मिलकर सुरक्षा हितों पर बातचीत चल रही है।
- सैन्य अभियान और कूटनीति दोनों साथ-साथ चलते रहेंगे।
ईरान की सैन्य क्षमता में कितनी गिरावट आई है?
इजरायल के दावों के अनुसार पिछले कुछ समय में ईरान की सैन्य और आक्रामक क्षमताओं को काफी नुकसान पहुँचाया गया है। राजदूत ने बताया कि ईरान की मिसाइल बनाने की क्षमता अब काफी कम हो चुकी है। नीचे दी गई टेबल में मौजूदा स्थिति का विवरण दिया गया है:
| क्षेत्र | क्षमता में कमी का अनुमान |
|---|---|
| बैलिस्टिक मिसाइल उत्पादन क्षमता | लगभग जीरो (Zero) |
| मिसाइल लॉन्च करने की क्षमता | 70 प्रतिशत की कमी |
| क्षेत्र को नुकसान पहुँचाने की कुल क्षमता | 80 प्रतिशत की कमी |
| सैन्य ठिकानों पर हमले | परमाणु और मिसाइल इंफ्रास्ट्रक्चर नष्ट |
इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति ने संकेत दिए हैं कि युद्ध समाप्त करने के लिए ईरान के भीतर एक प्रभावशाली व्यक्ति से बातचीत चल रही है। दूसरी तरफ भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस संघर्ष पर अपनी बात रखते हुए शांति और संवाद की अपील की है। इजरायल ने साफ किया है कि अगर ईरान अपना रास्ता बदलता है तो वे युद्ध रोकने के लिए तैयार हैं।




