PM Modi और Donald Trump की फोन पर बातचीत, मिडिल ईस्ट संकट और कच्चे तेल की सप्लाई को लेकर बड़ा अपडेट
प्रधान मंत्री Narendra Modi और अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump के बीच मंगलवार 24 मार्च 2026 को फोन पर लंबी बातचीत हुई। इस बातचीत का मुख्य मुद्दा मिडिल ईस्ट में बढ़ता तनाव और Strait of Hormuz को खुला रखना था। भारत के लिए यह रास्ता बहुत जरूरी है क्योंकि इसी रास्ते से देश में तेल और गैस की सप्लाई आती है। अमेरिकी राजदूत Sergio Gor ने इस बातचीत की जानकारी सोशल मीडिया पर साझा की है।
प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति ट्रंप के बीच किन मुद्दों पर चर्चा हुई?
इस बातचीत में दोनों नेताओं ने पश्चिम एशिया के बिगड़ते हालातों पर गहरी चिंता जताई। US Ambassador Sergio Gor के अनुसार, सबसे ज्यादा जोर Strait of Hormuz को खुला रखने पर दिया गया ताकि दुनिया भर में तेल की सप्लाई न रुके। PM Modi ने इस मामले में संसद को भी जानकारी दी और बताया कि वे मिडिल ईस्ट के कई देशों के प्रमुखों के लगातार संपर्क में हैं। भारत सरकार का मुख्य मकसद वहां फंसे भारतीय चालक दल के सदस्यों और व्यापारिक जहाजों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
भारत सरकार ने सुरक्षा और तेल सप्लाई के लिए क्या कदम उठाए?
हालात को देखते हुए केंद्र सरकार ने तुरंत कुछ कड़े फैसले लिए हैं। भारत की ऊर्जा सुरक्षा पर कोई आंच न आए, इसके लिए सात खास ग्रुप बनाए गए हैं जो तेल और गैस की सप्लाई की रणनीति पर काम करेंगे। सरकार की पूरी कोशिश है कि युद्ध के हालातों के बीच भी भारत में पेट्रोल और डीजल की कमी न होने पाए।
| मुख्य बिन्दु | ताजा अपडेट |
|---|---|
| सशक्त समूह (Empowered Groups) | ईंधन और गैस आपूर्ति के लिए 7 विशेष ग्रुप बनाए गए |
| भारतीय जहाजों की स्थिति | Pine Gas और Jag Vasant जैसे जहाज सुरक्षित भारत लौट रहे हैं |
| डिप्लोमैटिक बातचीत | EAM Jaishankar ने अमेरिका और श्रीलंका के विदेश मंत्रियों से बात की |
| सुरक्षा की स्थिति | खाड़ी क्षेत्र में सभी भारतीय नाविक और जहाज पूरी तरह सुरक्षित हैं |
विदेश मंत्रालय ने पुष्टि की है कि पिछले 24 घंटों में किसी भी भारतीय जहाज के साथ कोई अप्रिय घटना नहीं हुई है। भारतीय नौसेना और संबंधित विभाग लगातार निगरानी कर रहे हैं ताकि खाड़ी देशों से आने वाले जहाजों को कोई खतरा न हो। अमेरिका ने भी ईरान को दी गई डेडलाइन को पांच दिनों के लिए आगे बढ़ा दिया है ताकि कूटनीतिक बातचीत का रास्ता खुला रहे और तनाव को कम किया जा सके।




