US President Donald Trump का ईरान के साथ समझौते पर बड़ा बयान, 5 दिन के लिए टाले गए हमले
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ईरान के साथ एक बड़ा शांति समझौता करने की कोशिश में जुटे हैं। ट्रम्प ने दावा किया है कि उनकी ईरान के साथ बहुत अच्छी और सकारात्मक बातचीत हुई है, जिसके बाद उन्होंने ईरान के ऊर्जा ठिकानों पर होने वाले अमेरिकी हमलों को 5 दिनों के लिए टाल दिया है। हालांकि, ईरान के अधिकारियों ने सीधे तौर पर किसी भी बातचीत से इनकार किया है और इसे केवल तेल की कीमतें कम करने की एक चाल बताया है।
राष्ट्रपति ट्रम्प ने ईरान डील को लेकर कौन सी मुख्य बातें कही हैं?
डोनाल्ड ट्रम्प ने 23 और 24 मार्च 2026 को दिए अपने बयानों में ईरान के साथ समझौते की उम्मीद जताई है। उनके अनुसार, दोनों देश कई अहम मुद्दों पर सहमत हो चुके हैं। ट्रम्प ने जो मुख्य दावे किए हैं, उन्हें नीचे दी गई टेबल में समझा जा सकता है:
| मुख्य बिंदु | ट्रम्प का बयान और फैसला |
|---|---|
| सैन्य हमला | ईरान के ऊर्जा ठिकानों पर होने वाले हमलों को 5 दिनों के लिए टाला गया |
| परमाणु हथियार | ईरान अब परमाणु हथियार न रखने के लिए तैयार हो गया है |
| Strait of Hormuz | यह समुद्री रास्ता जल्द खुलेगा और अमेरिका-ईरान मिलकर इसे कंट्रोल करेंगे |
| नेतृत्व से बात | ईरानी नेतृत्व के एक बड़े व्यक्ति से उच्च स्तरीय बातचीत जारी है |
| शांति प्रयास | ईरान खुद भी अब अमेरिका के साथ डील करना चाहता है |
ईरान और इजरायल के अधिकारियों का इस पर क्या रुख है?
ईरान के विदेश मंत्रालय और वहां की संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बाकिर कलीबाफ ने ट्रम्प के दावों को फेक न्यूज़ करार दिया है। ईरान का कहना है कि वे किसी मनोवैज्ञानिक दबाव में नहीं आएंगे। हालांकि, एक वरिष्ठ ईरानी अधिकारी ने इस बात की पुष्टि की है कि उन्हें मध्यस्थों के जरिए अमेरिका के कुछ प्रस्ताव मिले हैं, जिन पर अभी विचार किया जा रहा है।
वहीं दूसरी ओर, इजरायल के तीन बड़े अधिकारियों ने पुष्टि की है कि ट्रम्प ईरान के साथ युद्ध खत्म करने के लिए समझौता करना चाहते हैं। इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि उनकी ट्रम्प से बात हुई है और वे अपनी सैन्य उपलब्धियों का इस्तेमाल एक बेहतर कूटनीतिक समझौते के लिए कर सकते हैं। फिलहाल तुर्की, मिस्र और पाकिस्तान जैसे देश इस मामले में मध्यस्थता की कोशिश कर रहे हैं। साथ ही संयुक्त राष्ट्र में Strait of Hormuz में जहाजों की सुरक्षा के लिए एक नया प्रस्ताव भी लाया गया है।




