Kuwait New Update: हॉर्मुज जलडमरूमध्य बंद होने से कुवैत ने तेल उत्पादन घटाया, सप्लाई पर पड़ेगा असर
Kuwait Petroleum Corporation (KPC) ने कच्चे तेल के उत्पादन और रिफाइनिंग में कटौती करने का बड़ा फैसला लिया है। यह निर्णय हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के बंद होने और वहां जारी सुरक्षा चिंताओं के कारण लिया गया है। कुवैत सरकार के अनुसार, ईरान की तरफ से जहाजों के सुरक्षित आवागमन को लेकर मिल रही धमकियों के बाद यह एहतियाती कदम उठाना जरूरी हो गया था। इस स्थिति से अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की सप्लाई प्रभावित होने की आशंका बढ़ गई है।
तेल उत्पादन में कटौती के मुख्य कारण क्या हैं?
कुवैत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन ने स्पष्ट किया है कि यह कटौती उसकी रिस्क मैनेजमेंट रणनीति का हिस्सा है। ईरान की ओर से हॉर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों को रोकने और बढ़ती आक्रामकता के कारण व्यापारिक मार्ग असुरक्षित हो गया है। इस स्थिति को देखते हुए कुवैत ने शुरुआत में रोजाना 1 लाख बैरल तेल के उत्पादन को कम करने का फैसला किया है। कंपनी ने कहा है कि वह स्थिति की लगातार समीक्षा कर रही है और जैसे ही हालात सामान्य होंगे, उत्पादन को फिर से पुराने स्तर पर ले आया जाएगा।
हॉर्मुज जलडमरूमध्य की वर्तमान स्थिति और जहाजों की आवाजाही
हॉर्मुज जलडमरूमध्य इस समय व्यापारिक जहाजों के लिए लगभग बंद या बेहद सीमित हो चुका है। सामान्य दिनों के मुकाबले यहाँ जहाजों की आवाजाही 95 प्रतिशत तक गिर गई है। ईरान ने पश्चिमी देशों और इजरायल से जुड़े जहाजों के लिए रास्ता रोक दिया है, जबकि भारत, चीन और तुर्की जैसे देशों के जहाजों को सीमित अनुमति दी जा रही है। खाड़ी देशों में रहने वाले भारतीय प्रवासियों के लिए यह खबर महत्वपूर्ण है क्योंकि इस मार्ग के बंद होने से जरूरी सामानों की सप्लाई और ईंधन की कीमतों पर सीधा असर पड़ता है।
क्षेत्र में बढ़ता तनाव और ताजा घटनाक्रम
क्षेत्र में तनाव कम करने के लिए राजनयिक कोशिशें भी जारी हैं। अमेरिका ने ईरान के ऊर्जा ठिकानों पर सैन्य हमलों में पांच दिनों की रोक लगाने की घोषणा की है ताकि बातचीत का रास्ता निकल सके। हालांकि, इजरायल ने साफ कर दिया है कि उसके हमले जारी रहेंगे। इस बीच 23 मार्च को कुछ गिने-चुने जहाजों ने संकीर्ण चैनल के जरिए रास्ता पार करने की कोशिश की थी, लेकिन बड़े पैमाने पर व्यापारिक मार्ग अभी भी बंद पड़ा है। विशेषज्ञों का मानना है कि 2026 के अंत तक इस रास्ते पर सामान्य यातायात बहाल होना मुश्किल लग रहा है।




