Middle East में बढ़ते तनाव के बीच अमेरिका का बड़ा फैसला, भेजे जा रहे हैं सैकड़ों और नए सैनिक
अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने मिडल ईस्ट में अतिरिक्त सैनिकों की तैनाती को हरी झंडी दे दी है। यह फैसला सोमवार रात को लिया गया जिसके बाद 82nd Airborne Division के सैनिकों को अगले 48 घंटों के भीतर रवाना होने का आदेश दिया गया है। ईरान और अमेरिका के बीच चल रहा युद्ध अब चौथे हफ्ते में पहुंच गया है और ताजा सैन्य मजबूती को मौजूदा हालात को देखते हुए काफी अहम माना जा रहा है।
सैन्य तैनाती में क्या-क्या शामिल है?
| यूनिट का नाम | सैनिकों की संख्या | मुख्य विवरण |
|---|---|---|
| 82nd Airborne Division | 1,000 से 1,500 के बीच | रैपिड रिस्पॉन्स यूनिट, 18 घंटे में तैनाती संभव |
| US Marines | लगभग 2,200 सैनिक | कैलिफोर्निया से रवाना, तीन युद्धपोतों के साथ |
| कमांड एलीमेंट | मुख्यालय की टीम | लॉजिस्टिक्स और प्लानिंग की जिम्मेदारी |
मिडल ईस्ट में तैनात होने वाली 82nd Airborne Division की यूनिट अपनी फुर्ती के लिए जानी जाती है। यह यूनिट पैराशूट के जरिए विवादित इलाकों में उतरकर मोर्चा संभालने में माहिर मानी जाती है। इसके अलावा कैलिफोर्निया से रवाना हुए Marines इस युद्ध के शुरू होने के बाद भेजी गई दूसरी बड़ी टुकड़ी है।
क्या युद्ध के बीच बातचीत की भी कोई गुंजाइश है?
व्हाइट हाउस के अनुसार राष्ट्रपति Donald Trump ने सीधी बातचीत के रास्ते भी खुले रखे हैं। इस प्रक्रिया में Secretary of State Marco Rubio और Vice President Vance के साथ विशेष दूत Steve Witkoff भी शामिल बताए जा रहे हैं। हालांकि ईरान ने इन खबरों को पूरी तरह खारिज कर दिया है और बातचीत की रिपोर्ट को फेक न्यूज़ बताया है।
मिडल ईस्ट के मौजूदा हालात का असर वहां रहने वाले प्रवासी भारतीयों और अन्य देशों के नागरिकों पर भी पड़ सकता है। युद्ध के कारण हवाई रास्तों में बदलाव और सुरक्षा इंतजाम सख्त होने की पूरी संभावना है। अमेरिकी सेना ने अब तक ईरान के 9,000 से ज्यादा सैन्य ठिकानों पर हमले किए हैं जिनमें मिसाइल साइट और नौसैनिक जहाज शामिल हैं।





