Saudi Arabia Aggression News: ईरान के हमलों पर भड़के मुस्लिम विद्वान, कहा सऊदी पर हमला बर्दाश्त नहीं, ईरान होगा अकेला
इस्लामिक दुनिया के बड़े मुफ्ती और विद्वानों ने सऊदी अरब और अन्य खाड़ी देशों पर ईरान के हमलों की कड़ी निंदा की है। विद्वानों ने इन हमलों को पड़ोसी धर्म का उल्लंघन और इस्लामिक भाईचारे के साथ धोखा बताया है। 25 मार्च 2026 को जारी एक बयान में यह साफ किया गया है कि अगर ईरान ने अपनी आक्रामक हरकतों को तुरंत नहीं रोका, तो उसे पूरी इस्लामिक दुनिया में भारी विरोध और अलगाव का सामना करना पड़ेगा।
मुस्लिम विद्वानों ने ईरान को लेकर क्या चेतावनी दी है?
दुनिया भर के वरिष्ठ विद्वानों और मुफ्तियों ने मुस्लिम वर्ल्ड लीग (रबीता अल-आलम अल-इस्लामी) के जरिए अपना कड़ा विरोध दर्ज कराया है। उनका कहना है कि नागरिक इलाकों और तेल-गैस जैसे अहम ठिकानों को निशाना बनाना एक ऐसा अपराध है जिसे कभी भुलाया नहीं जा सकता। विद्वानों ने जोर देकर कहा है कि सऊदी अरब, जो दो पवित्र मस्जिदों का घर है, उस पर हमला करना पूरी उम्माह के लिए दुखद खबर है।
विद्वानों ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि जिन अरब देशों पर हमला हुआ है, उन्हें अपनी सुरक्षा और संप्रभुता बचाने का पूरा कानूनी अधिकार है। उन्होंने ईरान की इन हरकतों को विश्वासघात करार दिया है, क्योंकि ये हमले उन पड़ोसियों पर किए गए हैं जो किसी भी तरह की सैन्य लड़ाई में शामिल नहीं थे। अगर ईरान नहीं मानता है, तो इस्लामिक देश उसके साथ सभी रिश्ते खत्म कर सकते हैं।
हाल के दिनों में खाड़ी देशों में कहां-कहां हमले हुए?
पिछले कुछ हफ्तों में खाड़ी क्षेत्र में तनाव काफी बढ़ गया है, जिससे वहां काम करने वाले लाखों प्रवासियों की सुरक्षा पर भी असर पड़ रहा है। अरब लीग और अन्य संगठनों ने इन हमलों का ब्योरा साझा किया है, जिसे नीचे दी गई तालिका में समझा जा सकता है:
| तारीख | प्रभावित क्षेत्र और घटना |
|---|---|
| 19 मार्च 2026 | कतर के रास लफान में गैस प्लांट पर हमला हुआ, जो अंतरराष्ट्रीय नियमों का उल्लंघन है। |
| 28 फरवरी 2026 | सऊदी अरब के रियाद और पूर्वी क्षेत्र में मिसाइल और ड्रोन से हमले किए गए। |
| 20 मार्च 2026 | अरब गृह मंत्रियों की परिषद ने UAE, बहरीन और कुवैत के ऊर्जा ठिकानों पर हमलों की निंदा की। |
| 7 मार्च 2026 | ईरान ने धमकी दी कि अगर पड़ोसियों ने अपनी जमीन का इस्तेमाल होने दिया, तो वह हमले जारी रखेगा। |
अरब लीग के महासचिव अहमद अबुल घीत ने इन घटनाओं को बहुत गंभीर बताया है। सऊदी अरब ने पहले ही साफ कर दिया है कि वह अपनी रक्षा के लिए किसी भी तरह की जवाबी कार्रवाई करने का अधिकार रखता है। खाड़ी में रहने वाले भारतीयों और अन्य प्रवासियों के लिए यह स्थिति चिंताजनक बनी हुई है क्योंकि इन हमलों का सीधा असर क्षेत्र की शांति और अर्थव्यवस्था पर पड़ रहा है।




