UAE ने ईरान के हमलों को बताया ‘आतंकी’, संयुक्त राष्ट्र में कहा- संप्रभुता और सुरक्षा पर हुआ बड़ा प्रहार
संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने ईरान की ओर से हो रहे लगातार हमलों पर कड़ा रुख अपनाया है। जिनेवा में संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद (UNHRC) के सत्र के दौरान यूएई ने इन हमलों को गंभीर और आतंकी कार्रवाई करार दिया। अधिकारियों ने बताया कि पिछले कुछ दिनों में 2,000 से ज्यादा मिसाइलों और ड्रोनों के जरिए नागरिक ठिकानों को निशाना बनाया गया है। यूएई ने स्पष्ट किया है कि ये हमले अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून का खुला उल्लंघन हैं और वैश्विक सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा हैं।
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हमलों से जुड़ी मुख्य जानकारियां और नुकसान
यूएई के प्रतिनिधियों ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर उन सभी नुकसानों का ब्योरा दिया है जो हालिया हमलों की वजह से हुए हैं। इन हमलों ने न केवल आम लोगों की जान को खतरे में डाला है, बल्कि सप्लाई चेन और अर्थव्यवस्था को भी नुकसान पहुँचाया है।
| विवरण | महत्वपूर्ण जानकारी |
|---|---|
| हमलों के हथियार | बैलिस्टिक मिसाइल, क्रूज़ मिसाइल और ड्रोन |
| हमलों की संख्या | 2,000 से अधिक (पिछले 26 दिनों में) |
| नुकसान का प्रकार | एयरपोर्ट, रिहायशी इलाके और नागरिक बुनियादी ढांचा |
| हताहतों का आंकड़ा | 3 नागरिकों की मौत, 58 घायल (3 मार्च 2026 की रिपोर्ट) |
अंतरराष्ट्रीय मंच पर यूएई का पक्ष और ईरान का दावा
जिनेवा में यूएई के स्थायी प्रतिनिधि जमाल अल मुशर्रख ने कहा कि ईरान द्वारा क्षेत्र के देशों के खिलाफ की जा रही शत्रुता का कोई आधार नहीं है। यूएई ने उन दावों को पूरी तरह खारिज कर दिया जिसमें इन हमलों को जवाबी कार्रवाई बताया गया था। उन्होंने कहा कि यह व्यवहार गैर-जिम्मेदार है और शांति की अपील करने वाले पड़ोसी देशों को जानबूझकर निशाना बनाया जा रहा है।
दूसरी तरफ, ईरान के संयुक्त राष्ट्र दूत अमीर सईद इरावन ने यूएई पर आरोप लगाया है कि उसने अपनी जमीन का इस्तेमाल अमेरिका को करने दिया है। ईरान ने इसके लिए मुआवजे की मांग की है। हालांकि, संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने प्रस्ताव 2817 अपनाते हुए ईरान से इन हमलों को तुरंत रोकने का आह्वान किया है। यूएई ने संयुक्त राष्ट्र चार्टर के अनुच्छेद 51 के तहत अपनी संप्रभुता और राष्ट्रीय सुरक्षा की रक्षा के लिए सभी जरूरी कदम उठाने की बात दोहराई है।




