मिस्त्र ने शांति के लिए बढ़ाया हाथ, अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच बैठक की मेजबानी को तैयार
मिस्त्र के विदेश मंत्री बद्र अब्देलअती ने जानकारी दी है कि उनका देश अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच चल रहे युद्ध को शांत करने के लिए बैठकों की मेजबानी करने को तैयार है। मिस्त्र का कहना है कि अगर इन बैठकों से इलाके में तनाव कम होता है, तो वह हर संभव मदद करेगा। इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी ईरान पर होने वाले हमलों को फिलहाल पांच दिनों के लिए टाल दिया है और बातचीत को सकारात्मक बताया है।
शांति के लिए मिस्त्र ने क्या कदम उठाए हैं?
मिस्त्र के राष्ट्रपति अब्देल फतह अल-सिसी और ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन के बीच सैन्य अभियानों को रोकने और बातचीत की ओर लौटने पर चर्चा हुई है। मिस्त्र की खुफिया एजेंसी ने ईरान के साथ मिलकर पांच दिनों के युद्धविराम का प्रस्ताव रखा है ताकि आपसी विश्वास बढ़ाया जा सके। इसके अलावा मिस्त्र ने अमेरिका के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और कई अन्य क्षेत्रीय देशों के साथ भी संपर्क साधा है ताकि स्थिति को बिगड़ने से रोका जा सके।
किन प्रमुख देशों और अधिकारियों के साथ हो रहा है तालमेल?
मिस्त्र इस समय एक खास कूटनीतिक रणनीति पर काम कर रहा है। वह खाड़ी देशों को राजनीतिक समर्थन देने के साथ-साथ युद्ध को पूरी तरह खत्म करने की कोशिश में जुटा है। इसके लिए कई देशों के साथ लगातार बातचीत की जा रही है।
| अधिकारी/देश | भूमिका और कार्य |
|---|---|
| बद्र अब्देलअती | सऊदी अरब, यूएई, तुर्की और पाकिस्तान के साथ बातचीत |
| डोनाल्ड ट्रंप | ईरानी ऊर्जा बुनियादी ढांचे पर हमले को 5 दिन स्थगित किया |
| ईरान के राष्ट्रपति | मिस्त्र के साथ सैन्य कार्यवाही रोकने पर चर्चा की |
| क्षेत्रीय पार्टनर | सऊदी अरब, ओमान और जॉर्डन के साथ समन्वय |
प्रवासियों और खाड़ी देशों पर इसका क्या असर होगा?
खाड़ी देशों में रहने वाले लाखों प्रवासियों के लिए यह एक बड़ी राहत वाली खबर है। युद्ध के कारण इस इलाके में असुरक्षा का माहौल बना हुआ था, जिसे शांत करने में मिस्त्र की मध्यस्थता अहम साबित हो सकती है। अगर यह तनाव कम होता है तो सऊदी अरब, यूएई और कतर जैसे देशों में रहने वाले भारतीयों और अन्य विदेशियों के कामकाज और यात्रा पर कोई बुरा असर नहीं पड़ेगा। मिस्त्र की कोशिश है कि इस पूरे मामले को कूटनीतिक तरीके से सुलझा लिया जाए ताकि पूरे मध्य पूर्व में शांति बनी रहे।




