Iran Israel War: ईरान के इसफ़हान में हुए जोरदार धमाके, सऊदी अरब ने भी सीमा पर मार गिराए ड्रोन
ईरान के इसफ़हान शहर में 26 मार्च 2026 को जोरदार धमाकों की आवाज़ सुनी गई है। इस क्षेत्र में बढ़ रहे तनाव का असर खाड़ी देशों में रहने वाले प्रवासियों और भारतीयों पर भी पड़ सकता है। सऊदी अरब ने अपने पूर्वी प्रांत में दो ड्रोन मार गिराए हैं जिससे सुरक्षा व्यवस्था और सख्त कर दी गई है। हवाई और समुद्री मार्गों पर इस तनाव का सीधा असर देखने को मिल रहा है जिससे यात्रा करने वालों की चिंता बढ़ गई है।
ईरान और इस्राइल के बीच ताज़ा हालात क्या हैं?
पिछले कुछ दिनों से इस्राइली सेना ईरान के कई शहरों के बुनियादी ढांचे को निशाना बना रही है। ईरान ने भी ट्रू प्रॉमिस 4 के तहत इस्राइल पर मिसाइलें दागने का दावा किया है। इसफ़हान में गैस मैनेजमेंट बिल्डिंग और आस-पास के घरों को काफी नुकसान पहुँचा है। तेहरान और रज़ावी खुरासान जैसे इलाकों में भी धमाकों की खबरें आई हैं जिससे आम जनता में डर का माहौल बना हुआ है। अमेरिकी राष्ट्रपति ने फिलहाल ऊर्जा केंद्रों पर हमलों को रोकने का सुझाव दिया है लेकिन ज़मीनी स्तर पर तनाव बरकरार है।
हमलों में कितना नुकसान हुआ और अधिकारियों ने क्या कहा?
इस संघर्ष में आम लोगों को भारी कीमत चुकानी पड़ रही है। ईरानी अधिकारियों और रेड क्रिसेंट सोसाइटी ने हताहतों के आंकड़े जारी किए हैं। इसकी विस्तृत जानकारी नीचे दी गई है:
| संस्था/अधिकारी | रिपोर्ट की गई जानकारी |
|---|---|
| ईरानी रेड क्रिसेंट | 66 बच्चों की मौत और 3,000 महिलाएं घायल हुई हैं |
| ज़ंजन गवर्नर | प्रांत के 59 लोगों की मौत और 324 निवासी घायल हुए |
| सऊदी रक्षा विभाग | पूर्वी प्रांत में दो दुश्मन ड्रोन मार गिराए गए |
| ईरानी विदेश मंत्री | हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य को दुश्मन जहाजों के लिए बंद किया गया |
| इस्राइल रक्षा मंत्रालय | ईरान पर अब तक 15,000 से ज़्यादा बम गिराए गए |
ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड (IRGC) ने चेतावनी दी है कि अगर उनके पावर प्लांट और एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमले जारी रहे तो वे क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी और इस्राइली ठिकानों को निशाना बनाएंगे। खाड़ी क्षेत्र में रहने वाले भारतीयों के लिए यह स्थिति महत्वपूर्ण है क्योंकि हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) बंद होने से व्यापार और तेल की सप्लाई पर बड़ा असर पड़ सकता है।




