Qatar और 5 अरब देशों ने की ईरान के हमलों की निंदा, खाड़ी क्षेत्र में सुरक्षा को लेकर कड़ा रुख
कतर समेत छह अरब देशों ने ईरान और उसके सहयोगी समूहों द्वारा किए जा रहे हमलों की कड़ी निंदा की है। 25 मार्च 2026 को जारी एक संयुक्त बयान में इन देशों ने स्पष्ट किया है कि वे अपनी सीमाओं की सुरक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं। खाड़ी क्षेत्र में रहने वाले लाखों प्रवासियों के लिए भी यह खबर महत्वपूर्ण है क्योंकि सुरक्षा व्यवस्था में किसी भी तरह की हलचल का असर उनके काम और रहने के माहौल पर पड़ता है। इन देशों ने सामूहिक रूप से सुरक्षा को लेकर चिंता जताई है।
साझा बयान में किन मुख्य बिंदुओं पर चर्चा हुई?
कतर, सऊदी अरब और यूएई जैसे देशों ने ईरान के हमलों को अंतरराष्ट्रीय नियमों और संप्रभुता का सीधा उल्लंघन माना है। बयान में कहा गया है कि ईरान को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव 2817 का पालन करना चाहिए और पड़ोसी देशों पर किसी भी तरह का खतरा पैदा करना बंद करना चाहिए। इन देशों ने संयुक्त राष्ट्र चार्टर के अनुच्छेद 51 के तहत आत्मरक्षा के अपने अधिकार को भी दोहराया है ताकि भविष्य में होने वाले किसी भी खतरे का मजबूती से सामना किया जा सके। इसके साथ ही इराक सरकार से भी अपनी जमीन का इस्तेमाल करने वाले सशस्त्र गुटों पर तुरंत लगाम लगाने की अपील की गई है।
किन देशों ने मिलकर यह कदम उठाया है?
इस महत्वपूर्ण बयान को जारी करने वाले देशों की सूची नीचे दी गई है, जिन्होंने मिलकर इस मुद्दे पर अपनी आवाज उठाई है और क्षेत्र में शांति बनाए रखने की मांग की है:
| क्रम संख्या | शामिल देश | मुख्य पक्ष |
|---|---|---|
| 1 | The State of Qatar (कतर) | क्षेत्रीय सुरक्षा |
| 2 | The State of Kuwait (कुवैत) | शांति और स्थिरता |
| 3 | United Arab Emirates (यूएई) | सशस्त्र गुटों का विरोध |
| 4 | Kingdom of Bahrain (बहरीन) | संप्रभुता की रक्षा |
| 5 | Kingdom of Saudi Arabia (सऊदी अरब) | अंतरराष्ट्रीय कानून |
| 6 | Hashemite Kingdom of Jordan (जॉर्डन) | आत्मरक्षा का अधिकार |
इन सभी देशों ने इराक के साथ अपने मजबूत संबंधों को बनाए रखते हुए वहां के सशस्त्र गुटों पर नियंत्रण पाने की जरूरत पर जोर दिया है। यह बयान फरवरी में हुए पिछले हमलों के जवाब में उपजी स्थिति के बाद जारी किया गया है। खाड़ी देशों का यह कदम यह सुनिश्चित करने के लिए है कि ऊर्जा बुनियादी ढांचे और व्यापारिक रास्तों पर कोई खतरा न आए।





