UN Chief की चेतावनी: मिडिल ईस्ट में तनाव से गरीबों पर पड़ेगा बुरा असर, तेल और फर्टिलाइजर की सप्लाई पर संकट
संयुक्त राष्ट्र के महासचिव Antonio Guterres ने पश्चिम एशिया के संघर्ष को लेकर गंभीर चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि इस युद्ध की मार सबसे ज्यादा उन लोगों पर पड़ रही है जो इसके लिए बिल्कुल भी जिम्मेदार नहीं हैं। गरीब और कमजोर तबके के लोगों को इसका खामियाजा भुगतना पड़ रहा है। UN चीफ ने साफ किया कि युद्ध किसी भी स्थिति में हल नहीं है और दुनिया को कूटनीति का रास्ता अपनाना चाहिए।
इस संघर्ष का आम लोगों पर कैसा असर हो रहा है?
Antonio Guterres ने सोशल मीडिया पर जानकारी दी कि मिडिल ईस्ट में जो तनाव चल रहा है, उससे सबसे ज्यादा परेशान गरीब वर्ग है। उन्होंने बताया कि युद्ध की वजह से मानवीय संकट पैदा हो रहा है और अंतरराष्ट्रीय कानूनों का सम्मान करना अब बहुत जरूरी हो गया है। उनके मुताबिक, शांति और बातचीत का रास्ता ही इस बड़ी समस्या को सुलझाने का एकमात्र जरिया है।
दुनिया भर की अर्थव्यवस्था और खेती पर क्या प्रभाव पड़ेगा?
UN चीफ ने व्यापारिक रास्तों में आने वाली बाधाओं के बारे में भी दुनिया को सचेत किया है। उन्होंने Strait of Hormuz में जहाजों की आवाजाही में हो रही दिक्कतों का जिक्र किया। इससे दुनिया भर में जरूरी सामान की सप्लाई पर असर पड़ेगा।
- Strait of Hormuz से तेल और गैस की सप्लाई बाधित होने का खतरा बढ़ गया है।
- खेती के इस महत्वपूर्ण सीजन में फर्टिलाइजर यानी खाद की कमी का डर बना हुआ है।
- शिपिंग में रुकावट आने से कई देशों में महंगाई बढ़ सकती है।
- तेल और गैस की सप्लाई रुकने से ऊर्जा संकट पैदा होने की संभावना है।




