ईरान का अमेरिका और इजराइल को कड़ा संदेश, जमीनी हमला किया तो सैनिकों को ‘नरक’ भेजेंगे
ईरान और इजराइल के बीच चल रहा तनाव अब और भी गंभीर मोड़ पर पहुंच गया है। ईरान की सैन्य संस्था इस्लामिक रिवोल्यूशन गार्ड्स कॉर्प्स (IRGC) ने अमेरिका और इजराइल को सीधी चेतावनी दी है कि वे ईरान की जमीन पर किसी भी तरह के ऑपरेशन के बारे में सोचना बंद कर दें। IRGC ने स्पष्ट लहजे में कहा कि नेटन्याहू और ट्रंप के बहकावे में आकर अपने बच्चों को नरक की ओर न भेजें। ईरान की ओर से यह बयान तब आया है जब अमेरिका द्वारा मिडिल ईस्ट में नई फौज तैनात करने की खबरें मिल रही हैं।
अमेरिका की सैन्य तैयारी और ईरान का खार्ग आइलैंड
पेंटागन अपनी 82nd Airborne Division के सैनिकों को मिडिल ईस्ट भेजने की योजना पर काम कर रहा है। जानकारी के अनुसार, अमेरिका ईरान के मुख्य तेल निर्यात केंद्र खार्ग आइलैंड पर किसी बड़ी जमीनी कार्रवाई पर विचार कर रहा है। इस खतरे को देखते हुए ईरान ने भी अपनी तैयारी तेज कर दी है।
- ईरान ने खार्ग आइलैंड पर अतिरिक्त सैनिकों की तैनाती के साथ-साथ एयर डिफेंस और मिसाइल सिस्टम मजबूत कर दिए हैं।
- अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने संकेत दिया है कि परमाणु सामग्री को सुरक्षित रखने के लिए जमीनी हस्तक्षेप की आवश्यकता हो सकती है।
- वाइट हाउस ने ईरान को शांति समझौता न होने पर गंभीर नतीजे भुगतने की धमकी दी है।
- ईरान ने अमेरिका के शांति प्रस्ताव को ठुकरा दिया है और उनकी बातचीत की कोशिशों का मजाक उड़ाया है।
इजराइली हमले और ईरान की जवाबी कार्रवाई
इजराइली सेना ने दावा किया है कि उसने हाल ही में ईरान के अंदर कई महत्वपूर्ण ठिकानों पर ‘विस्तृत हमले’ किए हैं। इन हमलों में ईरान की सबमरीन फैक्ट्री और तेहरान स्थित क्रूज मिसाइल बनाने वाले मुख्य केंद्रों को काफी नुकसान पहुंचने की खबर है। इसके साथ ही ईरान के इस्फहान शहर में भी भारी धमाकों की सूचना मिली है जहाँ ईरान के बड़े सैन्य अड्डे और एयर बेस स्थित हैं।
| क्षेत्र | घटना और असर |
|---|---|
| इस्फहान (Isfahan) | सैन्य ठिकानों के पास भारी बमबारी हुई। |
| तेहरान (Tehran) | मिसाइल और सबमरीन उत्पादन यूनिट्स पर हमला हुआ। |
| यरूशलेम (Jerusalem) | ईरान की ओर से दागी गई मिसाइलों के कारण सायरन बजे। |
| IRGC का दावा | इजराइल के 70 से ज्यादा ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन से हमला किया। |
ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने चेतावनी दी है कि अगर उनके देश के इंफ्रास्ट्रक्चर पर दोबारा हमला हुआ, तो वे बिना किसी संयम के कड़ा जवाब देंगे। दूसरी तरफ इजराइल ने दुनिया के देशों से अपील की है कि IRGC को आतंकवादी संगठन घोषित किया जाए और ईरान पर और भी कड़े प्रतिबंध लगाए जाएं। इस युद्ध जैसी स्थिति से खाड़ी देशों में रहने वाले प्रवासियों और वहां की अर्थव्यवस्था पर भी गहरा असर पड़ने की संभावना है।




