अमेरिका-इजरायल और ईरान युद्ध का 27वां दिन, डोनाल्ड ट्रंप ने शांति समझौते का किया दावा, ईरान ने नकारा
अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर शुरू की गई सैन्य कार्रवाई को आज 27 दिन पूरे हो गए हैं। इस संघर्ष के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने दावा किया है कि ईरान के नेता समझौता करना चाहते हैं और वे इसके लिए बहुत करीब हैं। हालांकि, ईरान ने इन दावों को गलत बताया है और कहा है कि वे फिलहाल किसी भी सीधी बातचीत के पक्ष में नहीं हैं। मध्य पूर्व में बढ़ते इस तनाव का असर अंतरराष्ट्रीय बाजार और सुरक्षा पर पड़ रहा है।
ट्रंप का शांति प्रस्ताव और ईरान की प्रतिक्रिया क्या है?
अमेरिकी सरकार ने ईरान को युद्ध रोकने के लिए 15 शर्तों वाला एक प्रस्ताव भेजा है। इसमें कहा गया है कि अगर ईरान अपना यूरेनियम संवर्धन और मिसाइल प्रोग्राम पूरी तरह बंद कर देता है, तो उस पर लगे प्रतिबंधों में ढील दी जाएगी। ईरान के विदेश मंत्रालय ने माना है कि उन्हें पाकिस्तान के जरिए यह प्रस्ताव मिला है लेकिन उन्होंने इसे अनुचित बताते हुए नामंजूर कर दिया है। ईरानी अधिकारियों का कहना है कि ट्रंप के दावे केवल बाजार को प्रभावित करने के लिए हैं और वे अपनी शर्तों पर ही बात करेंगे।
युद्ध के मैदान में अब तक की मुख्य गतिविधियां
| मुख्य जानकारी | विवरण |
|---|---|
| सैन्य अभियान | अमेरिका का Operation Epic Fury और इजरायल का Operation Rising Lion जारी है |
| ताजा हमले | इजरायल ने ईरान के Isfahan शहर में बमबारी की और Hezbollah ने जवाबी हमला किया |
| अमेरिकी तैनाती | अमेरिका ने क्षेत्र में 2 विमान वाहक पोत और 50,000 सैनिक तैनात किए हैं |
| UN की पहल | महासचिव ने Jean Arnault को शांति दूत नियुक्त किया है |
क्षेत्रीय सुरक्षा और प्रवासियों पर असर
इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते हमले अब अन्य देशों तक फैल रहे हैं। इजरायल ने लेबनान में 30 किलोमीटर का सुरक्षा क्षेत्र बनाने का फैसला किया है ताकि Hezbollah के हमलों को रोका जा सके। इस तनाव के कारण खाड़ी देशों में रहने वाले भारतीय प्रवासियों के बीच भी चिंता बढ़ी है क्योंकि युद्ध लंबा खिंचने से उड़ानों और तेल की कीमतों पर असर पड़ सकता है। फिलहाल पाकिस्तान, मिस्र और तुर्की जैसे देश युद्ध विराम के लिए बातचीत की कोशिशों में जुटे हैं।




