Iran Strait of Hormuz Rules: ईरान का नया फैसला, भारत समेत दोस्त देशों के जहाजों को ही मिलेगी एंट्री, देना पड़ सकता है टोल टैक्स
ईरान ने Strait of Hormuz पर अपना नियंत्रण कड़ा कर दिया है और नए ट्रांजिट नियम लागू कर दिए हैं। ईरानी डिफेंस काउंसिल ने साफ किया है कि अब इस रास्ते से केवल वही जहाज गुजर सकेंगे जिन्हें वह ‘गैर-दुश्मन’ मानता है। ओमान ने भी इस स्थिति पर चिंता जताई है और सुरक्षित रास्ते के लिए लगातार बातचीत कर रहा है। संयुक्त राष्ट्र ने चेतावनी दी है कि इस रास्ते के बंद होने से दुनिया भर में तेल, गैस और खाद की सप्लाई पर बुरा असर पड़ रहा है और युद्ध बेकाबू होता जा रहा है।
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किन देशों के जहाजों को मिलेगी एंट्री और क्या हैं नए नियम?
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराक्छी के मुताबिक, यह समुद्री रास्ता भारत, चीन, रूस, पाकिस्तान और इराक जैसे ‘दोस्त देशों’ के लिए खुला रहेगा। हालांकि, इन देशों के जहाजों को भी ईरान की Revolutionary Guard Corps (IRGC) से पहले तालमेल बिठाना होगा और क्लीयरेंस लेनी होगी। ईरान ने अमेरिका और इजराइल को ‘आक्रामक पक्ष’ माना है, इसलिए उनके जहाजों को यहां से गुजरने की इजाजत बिल्कुल नहीं दी जाएगी। जहाजों को अब एक खास कॉरिडोर से गुजरना होगा और IRGC के सुरक्षा नियमों का पालन करना होगा।
टोल टैक्स और सुरक्षा से जुड़ी अहम जानकारी
ईरानी संसद अब जहाजों पर टोल टैक्स यानी फीस लगाने के लिए एक नया कानून बनाने की तैयारी कर रही है। ईरान का तर्क है कि वह इस इलाके में सुरक्षा मुहैया कराता है, इसलिए जहाजों और तेल टैंकरों को इसके बदले फीस देनी चाहिए। नीचे दी गई टेबल में मौजूदा स्थिति को समझा जा सकता है:
| मुख्य बिंदु | विवरण |
|---|---|
| प्रवेश नियम | केवल गैर-दुश्मन जहाजों को इजाजत |
| दोस्त देश | भारत, चीन, रूस, पाकिस्तान और इराक |
| प्रतिबंधित | अमेरिका और इजराइल के जहाज और उपकरण |
| प्रस्तावित फीस | लगभग 20 लाख डॉलर प्रति यात्रा की चर्चा |
| ओमान की भूमिका | सुरक्षित ट्रांजिट के लिए मध्यस्थता जारी |
| UN की चिंता | वैश्विक अर्थव्यवस्था पर पड़ रहा बुरा असर |
भारत के शिपिंग मंत्रालय ने टोल टैक्स की खबरों को फिलहाल आधारहीन बताया है और कहा है कि यह रास्ता अंतरराष्ट्रीय नियमों के अधीन है। ईरान और अमेरिका के बीच तनाव बढ़ने से खाड़ी क्षेत्र में माल ढुलाई करने वाले जहाजों के लिए और भी मुश्किलें बढ़ सकती हैं।




