GCC Secretary-General का बड़ा बयान, ईरान पर लगाया सीधा हमला करने और पैसे वसूलने का आरोप
Gulf Cooperation Council (GCC) के महासचिव Jassim Mohammed Al-Budaiwi ने ईरान को लेकर एक गंभीर बयान दिया है। उन्होंने कहा है कि ईरान जानबूझकर GCC देशों को निशाना बना रहा है और उन पर सीधे हमले कर रहा है। संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद (UNHRC) ने भी ईरान के इन सैन्य हमलों की निंदा करते हुए एक प्रस्ताव पारित किया है। इस स्थिति से पूरे खाड़ी क्षेत्र की सुरक्षा, समुद्री रास्तों और अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर बुरा असर पड़ रहा है।
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ईरान पर क्या आरोप लगे हैं और UN में क्या हुआ?
GCC महासचिव के अनुसार, ईरान के इन हमलों से सदस्य देशों के उन इलाकों में नुकसान हुआ है जो किसी भी लड़ाई में शामिल नहीं थे। 25 मार्च 2026 को UNHRC ने एक प्रस्ताव पास किया है जिसमें ईरान से अंतरराष्ट्रीय नियमों का पालन करने और नागरिकों की सुरक्षा करने को कहा गया है। ईरान पर यह भी आरोप है कि वह Strait of Hormuz से गुजरने वाले कमर्शियल जहाजों से सुरक्षित रास्ते के बदले फीस मांग रहा है। यह पहली बार है जब किसी बड़े अधिकारी ने सार्वजनिक रूप से इस तरह के पैसे वसूलने की बात कही है।
क्षेत्र की सुरक्षा और वर्तमान स्थिति की मुख्य बातें
इस तनाव के बीच खाड़ी देशों की सुरक्षा एजेंसियां लगातार चौकन्नी हैं। कई देशों ने ईरान की तरफ से आने वाली मिसाइलों और ड्रोन को हवा में ही मार गिराया है। ईरान ने अपनी कुछ शर्तें रखी हैं और अमेरिका के साथ सीधी बातचीत से इनकार किया है। इस पूरे घटनाक्रम की मुख्य जानकारियां नीचे दी गई हैं:
| मुख्य विषय | ताजा अपडेट |
|---|---|
| UNHRC प्रस्ताव | 25 मार्च 2026 को सर्वसम्मति से पास हुआ |
| प्रभावित देश | GCC सदस्य देश और Jordan |
| सुरक्षा कार्रवाई | Bahrain, Kuwait, Saudi और UAE द्वारा मिसाइल इंटरसेप्ट की गई |
| ईरान की मांग | Strait of Hormuz पर संप्रभुता और नुकसान की भरपाई |
| UN की चेतावनी | Antonio Guterres ने बड़े क्षेत्रीय युद्ध की चेतावनी दी |
ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने कहा है कि उन्होंने अमेरिका के साथ कोई सीधी बातचीत नहीं की है, हालांकि संदेशों का आदान-प्रदान बिचौलियों के जरिए हुआ है। ईरान ने अपना एक सीजफायर प्लान भी पेश किया है जिसमें युद्ध रोकने और उनके अधिकारियों की हत्या बंद करने जैसी शर्तें शामिल हैं। फिलहाल खाड़ी क्षेत्र में रहने वाले प्रवासियों और स्थानीय लोगों के लिए सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह अलर्ट पर हैं।




