ईरान ने इज़राइल पर दागी मिसाइलें, परमाणु ठिकानों और सैन्य केंद्रों को बनाया निशाना
ईरान की ओर से इज़राइल के खिलाफ सैन्य कार्रवाई का सिलसिला जारी है। गुरुवार 26 मार्च 2026 को ईरान की Revolutionary Guard (IRGC) ने ‘ऑपरेशन ट्रू प्रॉमिस 4’ के 82वें चरण के तहत इज़राइल के सैन्य और रणनीतिक ठिकानों पर हमला किया। इस हमले में मुख्य रूप से सैन्य कमांड सेंटर और परमाणु बुनियादी ढांचे से जुड़ी सुविधाओं को निशाना बनाया गया है। ईरान की सेना का कहना है कि यह कार्रवाई उनके जवाबी अभियानों का हिस्सा है और लक्ष्य हासिल होने तक जारी रहेगी।
किन ठिकानों को बनाया गया निशाना और क्या हुआ नुकसान?
ईरान के मिसाइल हमलों ने मुख्य रूप से दक्षिणी Dead Sea क्षेत्र में मौजूद इज़राइली सेना के कमांड सेंटर और परमाणु बुनियादी ढांचे से जुड़ी इमारतों को निशाना बनाया। हमले के दौरान इज़राइल के मध्य इलाकों, यरूशलेम और तेल अवीव में खतरे के सायरन बजने लगे। इज़राइली अधिकारियों के मुताबिक, इस हमले के कारण Kfar Qasim में छह लोग मामूली रूप से घायल हुए हैं। इसके अलावा रिहायशी इलाकों में भी मिसाइल के मलबे गिरने से नुकसान की खबरें आई हैं।
हमले में इस्तेमाल किए गए हथियार और मुख्य आंकड़े
ईरान ने इस हमले को अंजाम देने के लिए आधुनिक ड्रोन और मिसाइलों का एक साथ इस्तेमाल किया। हमले से जुड़ी मुख्य जानकारियां इस प्रकार हैं:
- यह हमला ‘या अली इब्न मूसा अल-रेज़ा’ कोड नाम के तहत शुरू किया गया था।
- ऑपरेशन की शुरुआत ड्रोन हमलों से हुई, जिसके बाद ठोस और तरल ईंधन वाली मिसाइलें दागी गईं।
- ईरान का दावा है कि पिछले 24 घंटों में इज़राइल और अमेरिकी ठिकानों पर कुल 230 हमले किए गए हैं।
- इनमें से 110 मिसाइल और ड्रोन हमले सीधे तौर पर ईरान ने किए, जबकि बाकी उसके सहयोगियों ने किए।
- इज़राइली मीडिया के अनुसार, हमले के दौरान एयर डिफेंस सिस्टम में कुछ खामियां भी देखी गईं।



