Saudi Arabia Warning: तेल बाज़ार में कोरोना से भी बड़ी उथल-पुथल की आशंका, वित्त मंत्री ने दुनिया को चेताया
सऊदी अरब के वित्त मंत्री ने वैश्विक स्तर पर तेल संकट को लेकर बड़ी चेतावनी जारी की है। उन्होंने कहा कि अगर ईरान के साथ चल रहा युद्ध इसी तरह जारी रहता है, तो दुनिया को तेल बाज़ार में कोरोना संकट से भी ज़्यादा गंभीर उथल-पुथल देखनी पड़ सकती है। 26 मार्च 2026 को ब्रेंट क्रूड की कीमत 104.53 डॉलर और दुबई क्रूड की कीमत रिकॉर्ड 166.80 डॉलर प्रति बैरल तक पहुँच गई है। यह स्थिति वैश्विक अर्थव्यवस्था और आम आदमी की जेब के लिए एक बड़ी चुनौती बनती जा रही है।
तेल बाज़ार और सप्लाई पर क्या असर होगा?
मौजूदा तनाव की वजह से कच्चे तेल की कीमतों में लगातार तेज़ी देखी जा रही है। इंटरनेशनल एनर्जी एजेंसी (IEA) ने चेतावनी दी है कि दुनिया 1970 के दशक के बाद के सबसे बड़े ऊर्जा संकट का सामना कर रही है। सऊदी अरब के वित्त मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि उनके पास तेल निर्यात के लिए Red Sea जैसे वैकल्पिक रास्ते मौजूद हैं, लेकिन Strait of Hormuz में तनाव बढ़ने से ग्लोबल शिपिंग पर बुरा असर पड़ा है। ईंधन की बढ़ती कीमतों का सीधा असर ट्रांसपोर्ट और खाने-पीने की चीज़ों के दामों पर पड़ने की आशंका है।
युद्ध से जुड़े ताज़ा अपडेट्स और महत्वपूर्ण जानकारी
| विषय | विवरण |
|---|---|
| ब्रेंट क्रूड का भाव | 104.53 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुँचा |
| दुबई क्रूड रिकॉर्ड | 166.80 डॉलर प्रति बैरल की ऐतिहासिक ऊंचाई |
| सऊदी का रुख | विदेश मंत्री फैसल बिन फरहान ने कहा तेहरान पर भरोसा खत्म हुआ |
| ईरान का प्रस्ताव | Strait of Hormuz से गुजरने वाले जहाजों से सुरक्षा शुल्क की मांग |
| अमेरिकी कदम | राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान को बातचीत की आखिरी चेतावनी दी |
| शिपिंग अपडेट | मलेशियाई तेल टैंकरों को ईरान ने रास्ता देने की मंजूरी दी |
इजरायली सेना ने दावा किया है कि उन्होंने ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड्स की नेवी के कमांडर को मार गिराया है, जो समुद्री रास्तों पर पाबंदी लगाने के ज़िम्मेदार थे। दूसरी तरफ, ईरान ने अमेरिका के साथ किसी भी सीधी बातचीत से फिलहाल इनकार कर दिया है। खाड़ी देशों ने मांग की है कि अमेरिका और ईरान के बीच होने वाली किसी भी बातचीत में उन्हें भी शामिल किया जाए ताकि वे अपने हितों और सुरक्षा की रक्षा कर सकें। इस पूरे विवाद का असर खाड़ी देशों में रहने वाले प्रवासियों और उनके देशों को होने वाली तेल सप्लाई पर भी पड़ सकता है।




