Nayara Energy Refinery Shutdown: देश की दूसरी सबसे बड़ी रिफाइनरी 35 दिन के लिए होगी बंद, पेट्रोल-डीजल की सप्लाई पर पड़ेगा असर
भारत की दूसरी सबसे बड़ी निजी तेल रिफाइनरी Nayara Energy ने अपने गुजरात स्थित वाडिनार प्लांट को बंद करने का फैसला लिया है। कंपनी अप्रैल की शुरुआत से लगभग 35 दिनों के लिए कामकाज रोक देगी। इस शटडाउन का मुख्य कारण रिफाइनरी का रखरखाव यानी मेंटेनेंस है, जो पिछले साल ही होना था लेकिन कुछ तकनीकी वजहों से टल गया था। इसका सीधा असर देश भर के हजारों पेट्रोल पंपों और ईंधन की आपूर्ति पर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।
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रिफाइनरी बंद होने से क्या पेट्रोल और डीजल की कमी होगी?
Nayara Energy के देश भर में लगभग 7000 पेट्रोल पंप हैं और यह कंपनी सरकारी तेल कंपनियों को भी ईंधन की सप्लाई करती है। रिफाइनरी के 35 दिनों तक बंद रहने से घरेलू स्तर पर पेट्रोल और डीजल की उपलब्धता पर थोड़ा दबाव बढ़ सकता है। हालांकि, कंपनी के सूत्रों ने बताया है कि उन्होंने इस स्थिति से निपटने के लिए पहले से ही पर्याप्त बफर स्टॉक और तेल का भंडार जमा कर लिया है ताकि आम जनता को परेशानी न हो।
- कंपनी के पास अपने पेट्रोल पंपों के लिए ईंधन का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है।
- कोशिश की जा रही है कि रिटेल आउटलेट्स पर सप्लाई में कोई रुकावट न आए।
- इस शटडाउन से भारत की कुल रिफाइनिंग क्षमता का लगभग 8% हिस्सा अस्थायी रूप से कम होगा।
आखिर क्यों लिया गया रिफाइनरी को बंद करने का फैसला?
वाडिनार रिफाइनरी का यह मेंटेनेंस काफी समय से पेंडिंग था। पिछले साल यूरोपीय प्रतिबंधों की वजह से जरूरी कैटेलिस्ट की सप्लाई करने वाले वेंडर नायरा के साथ काम करने को तैयार नहीं थे, जिससे यह काम टालना पड़ा था। अब कंपनी इसे पूरा करने जा रही है। यह शटडाउन ऐसे समय में हो रहा है जब ईरान और इज़राइल के बीच जारी तनाव ने अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों को प्रभावित किया है।
| खास बातें | जानकारी |
|---|---|
| रिफाइनरी का नाम | Nayara Energy (Vadinar) |
| शटडाउन की अवधि | 35 दिन (अप्रैल से शुरू) |
| सालाना क्षमता | 20 मिलियन टन |
| पेट्रोल पंपों की संख्या | लगभग 7000 |




