सऊदी अरब के वित्त मंत्री की चेतावनी, ईरान युद्ध नहीं थमा तो तेल की सप्लाई और महंगाई पर होगा कोरोना से भी बुरा असर
सऊदी अरब के वित्त मंत्री Mohammed al-Jadaan ने दुनिया को एक बड़ी आर्थिक चेतावनी दी है। उन्होंने कहा है कि अगर अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच चल रहा युद्ध जल्द ही नहीं रुका, तो ग्लोबल सप्लाई चैन पूरी तरह खराब हो सकती है। खासकर तेल की सप्लाई पर इसका बहुत बुरा असर पड़ने वाला है। वित्त मंत्री ने साफ तौर पर बताया कि इसका असर उतना ही बड़ा या उससे भी ज्यादा हो सकता है जितना हमने कोरोना महामारी के बाद महसूस किया था।
तेल की सप्लाई और आम आदमी की जेब पर क्या होगा असर?
सऊदी वित्त मंत्री के मुताबिक, पिछले कुछ हफ्तों में सप्लाई चैन पर जो असर दिखा है, वह पहले से ही काफी गंभीर है। तुर्की के खजाना और वित्त मंत्री Mehmet Simsek ने भी आगाह किया है कि यह युद्ध दुनिया की अर्थव्यवस्था के लिए बड़ा खतरा है। इससे न केवल तेल की कमी होगी बल्कि पूरी दुनिया में महंगाई चरम पर पहुंच सकती है। Strait of Hormuz जैसे महत्वपूर्ण समुद्री रास्तों से जहाजों का निकलना मुश्किल हो गया है, जिसकी वजह से तेल और गैस की कीमतों में उछाल आने का पूरा अंदेशा है।
सप्लाई चैन बिगड़ने से किन चीजों पर पड़ेगा प्रभाव?
युद्ध की वजह से सिर्फ तेल ही नहीं, बल्कि रोजमर्रा की कई और चीजें भी प्रभावित हो रही हैं। खाड़ी देशों में रहने वाले प्रवासियों और वहां से सामान भेजने वालों के लिए भी यह चिंता की बात है। सप्लाई चैन में रुकावट आने के मुख्य कारण नीचे दिए गए हैं:
- ऊर्जा और गैस: दुनिया की लगभग 20 प्रतिशत ऊर्जा सप्लाई इसी इलाके से होती है, जो अब खतरे में है।
- महंगी ढुलाई: समुद्री रास्तों में सुरक्षा खतरों की वजह से जहाजों का किराया और बीमा महंगा हो गया है।
- दवाइयां और इलेक्ट्रॉनिक्स: कच्चा माल समय पर न पहुंचने से फैक्ट्रियों में उत्पादन धीमा हो सकता है।
- खेती और खाद: फर्टिलाइजर की सप्लाई रुकने से खाद की कीमतें बढ़ सकती हैं, जिसका असर फसलों पर होगा।
युद्ध और अंतरराष्ट्रीय स्थिति पर नया अपडेट क्या है?
यह पूरा विवाद 28 फरवरी 2026 को शुरू हुआ था जब अमेरिका और इजरायल ने ईरान पर हमले किए थे। अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने भी ईरान को संदेश दिया है कि वह हमले रुकवाने के लिए समझौता कर ले। हाल ही में इजरायली प्रधानमंत्री ने दावा किया है कि उन्होंने ईरानी नौसेना के एक बड़े कमांडर को मार गिराया है, जो समुद्री रास्ता बंद करने के लिए जिम्मेदार था। इस तनाव की वजह से एयरलाइंस ने अपनी कई फ्लाइट्स के रूट बदल दिए हैं या उन्हें कैंसिल कर दिया है, जिससे यात्रियों को परेशानी हो रही है।




