Oman में फंसे सैकड़ों पालतू जानवर, खाड़ी देशों से भाग रहे प्रवासियों ने मजबूरी में छोड़ा साथ
ईरान में जारी युद्ध की वजह से खाड़ी देशों में रहने वाले लोग तेजी से इलाका छोड़ रहे हैं। इस भगदड़ के बीच सैकड़ों पालतू जानवरों को लावारिस छोड़ा जा रहा है। ओमान इस समय निकासी का मुख्य केंद्र बन गया है क्योंकि कई GCC देशों का एयरस्पेस बंद होने के बाद लोग यहीं से बाहर निकल रहे हैं। ओमान के पशु आश्रय केंद्र और देखभाल केंद्र अब क्षमता से अधिक भर चुके हैं और स्थिति चिंताजनक बनी हुई है।
प्रवासियों को क्यों छोड़ने पड़ रहे हैं अपने पालतू जानवर?
युद्ध की स्थिति में बहुत से प्रवासी और विदेशी नागरिक अचानक देश छोड़ने पर मजबूर हुए हैं। ओमान के रास्ते बाहर निकलने की कोशिश कर रहे लोगों को बॉर्डर पर सख्त नियमों का सामना करना पड़ रहा है। कई लोग अपने जानवरों को साथ ले जाने के लिए जरूरी अनुमति नहीं जुटा पाए, जिसके कारण उन्हें अपने पालतू कुत्तों और बिल्लियों को बॉर्डर पर ही छोड़ना पड़ा। RSPCA जैसे संगठनों ने इन बेजुबान जानवरों को इस युद्ध का छिपा हुआ शिकार बताया है क्योंकि ये पूरी तरह अपने मालिकों पर निर्भर होते हैं।
पशु कल्याण संस्थाओं और सरकार ने क्या कदम उठाए हैं?
- UAE की चैरिटी संस्था K9 Friends ने बताया कि अचानक देश छोड़ने वाले लोगों की वजह से लावारिस कुत्तों की संख्या में भारी उछाल आया है।
- दुबई नगर पालिका ने सड़क पर घूम रहे जानवरों के लिए शहर में 12 AI आधारित फीडिंग स्टेशन शुरू किए हैं।
- UAE के कानून के अनुसार पालतू जानवरों को सड़क पर छोड़ना अवैध है और इसके लिए भारी जुर्माना लग सकता है।
- पशु आश्रय केंद्रों के अनुसार वे अपनी क्षमता से बहुत आगे निकल चुके हैं और उनके पास नए जानवरों के लिए जगह नहीं बची है।
मौजूदा स्थिति और अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम क्या है?
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने तेहरान को चेतावनी देते हुए बातचीत के जरिए युद्ध खत्म करने की सलाह दी है। 26 मार्च 2026 को जारी इस बयान के बाद इलाके में तनाव अब भी बना हुआ है। ओमान में अमेरिकी दूतावास ने अपने नागरिकों के लिए सुरक्षा अलर्ट जारी किया था, जिसे बाद में मस्कट के लिए बदल दिया गया। खाड़ी देशों में रहने वाले भारतीय और अन्य प्रवासियों के लिए यह समय काफी मुश्किल भरा है क्योंकि उन्हें अपनी सुरक्षा के साथ-साथ अपने पालतू जानवरों के भविष्य की भी चिंता सता रही है।




