ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ा तनाव, विदेश मंत्री अरघची बोले- बातचीत और सेना की तैनाती एक साथ संभव नहीं
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरघची ने अमेरिका के रुख की कड़ी आलोचना की है। उन्होंने कहा कि अमेरिका का एक तरफ बातचीत की मांग करना और दूसरी तरफ मिडिल ईस्ट में अपनी सेना तैनात करना विरोधाभासी है। विदेश मंत्री ने स्पष्ट किया कि ईरान वर्तमान में अमेरिका के साथ किसी भी सीधी बातचीत में शामिल नहीं है। यह बयान 26 मार्च 2026 को सरकारी समाचार एजेंसी IRNA के माध्यम से जारी किया गया है।
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क्या अमेरिका और ईरान के बीच कोई समझौता होने वाला है?
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया कि ईरान समझौता करने के लिए बेताब है और उनके नेता पर्दे के पीछे बातचीत कर रहे हैं। हालांकि, ईरान ने इन दावों को पूरी तरह से गलत बताया है। अमेरिका ने ईरान के सामने एक 15 सूत्रीय योजना रखी थी, जिसे ईरानी राजनयिकों ने पूरी तरह अनुचित बताते हुए ठुकरा दिया है। इसके जवाब में ईरान ने अपना खुद का 5 सूत्रीय प्रस्ताव पेश किया है। वर्तमान में दोनों देशों के बीच केवल मित्र देशों के माध्यम से संदेशों का आदान-प्रदान हो रहा है, जिसे औपचारिक वार्ता नहीं कहा जा सकता।
क्षेत्र में सुरक्षा के हालात और ईरान की प्रमुख मांगें
ईरान ने शांति के लिए अपनी शर्तें साफ कर दी हैं, जिसमें लेबनान में इजरायली सैन्य कार्रवाई को रोकना और होर्मुज जलडमरूमध्य पर अपनी संप्रभुता सुनिश्चित करना शामिल है। हालिया घटनाक्रमों की सूची नीचे दी गई है:
- ईरानी नौसेना ने अमेरिकी विमान वाहक पोत अब्राहम लिंकन पर मिसाइलें दागीं, जिससे उसे अपना रास्ता बदलना पड़ा।
- व्हाइट हाउस ने चेतावनी दी है कि अगर ईरान शर्तों को नहीं मानता है, तो अमेरिका कड़ी सैन्य कार्रवाई के लिए तैयार है।
- इजरायल ने पाकिस्तान के अनुरोध पर ईरानी विदेश मंत्री और संसद अध्यक्ष को अपनी हिट-लिस्ट से हटा दिया है।
- ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बागेर गालिबफ ने कहा कि वाशिंगटन को इजरायल के फैसलों की भारी कीमत चुकानी होगी।
- खाड़ी देशों की ओर से इस संकट को कूटनीति के जरिए सुलझाने की लगातार अपील की जा रही है।
- पाकिस्तान में ईरान के राजदूत ने पुष्टि की है कि फिलहाल अमेरिका के साथ कोई सीधी चर्चा नहीं हुई है।




