Iran Israel War: ईरान ने इसराइल पर दागीं मिसाइलें, हाइफ़ा में तेल डिपो को बनाया निशाना
ईरान और इसराइल के बीच चल रहा युद्ध अब और भी भयानक मोड़ ले चुका है। 26 मार्च 2026 को ईरान की Revolutionary Guard Corps (IRGC) ने इसराइल की तरफ मिसाइलों और ड्रोनों की एक नई लहर भेजी है। यह इस युद्ध की 82वीं बड़ी कार्रवाई बताई जा रही है। इस हमले के बाद पूरे इसराइल में सायरन बज रहे हैं और एयर डिफेंस सिस्टम को सक्रिय कर दिया गया है।
🚨: अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत के लिए बढ़ा दबाव, Trump ने 6 अप्रैल तक हमलों पर लगाई रोक।
ईरान के इस हमले में किन ठिकानों को बनाया गया निशाना?
ईरान ने इस बार बैलिस्टिक मिसाइलों और ड्रोन के जरिए इसराइल के सैन्य और रणनीतिक ठिकानों पर हमला किया है। ईरानी मीडिया के मुताबिक, हाइफ़ा (Haifa) में मौजूद उन फ्यूल स्टोरेज सुविधाओं को निशाना बनाया गया है जहाँ से इसराइली लड़ाकू विमानों को ईंधन मिलता है। इसके साथ ही भूमध्य सागर के पास जहाजों के रखरखाव वाले केंद्रों पर भी हमले का दावा किया गया है। काफरे कासिम (Kafr Qassem) इलाके से कुछ ऐसी फुटेज सामने आई हैं जिनमें मिसाइल गिरने की वजह से गाड़ियां हवा में उछलती दिख रही हैं। सफ़ेद (Safed) में हमले के दौरान सुरक्षित ठिकाने की ओर भागते समय एक बच्ची को दिल का दौरा पड़ने की खबर मिली है।
युद्ध रोकने के प्रस्ताव और क्षेत्रीय स्थिति पर क्या है अपडेट?
इस पूरे मामले पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी हलचल तेज है, लेकिन फिलहाल शांति के आसार कम नजर आ रहे हैं। इस युद्ध और आसपास के देशों की स्थिति को इन बिंदुओं से समझा जा सकता है:
- ईरान ने अमेरिका की तरफ से आए शांति प्रस्ताव को एकतरफा बताते हुए ठुकरा दिया है।
- ईरानी अधिकारियों का कहना है कि वे प्रतिबंध हटाने के बदले अपनी सुरक्षा से समझौता नहीं करेंगे।
- यमन के हूती (Houthi) गुट ने भी इस युद्ध में ईरान के साथ मिलकर उतरने का एलान किया है।
- हूती विद्रोहियों ने समुद्र में जहाजों के लिए अहम रास्ते बाब अल-मंडेब को निशाना बनाने की चेतावनी दी है।
- इसराइल के रक्षा प्रणालियों ने कई मिसाइलों को बीच में ही रोका है, लेकिन कुछ मिसाइलें सुरक्षा घेरे को तोड़कर जमीन पर गिरी हैं।
- यह युद्ध 28 फरवरी 2026 को शुरू हुआ था और अभी तक बातचीत के लिए कोई रास्ता नहीं बन सका है।




