Kuwait Missile Attack: कुवैत में मिसाइल और ड्रोन हमलों के बाद हाई अलर्ट, एयरपोर्ट के फ्यूल टैंक में लगी आग
कुवैत में पिछले कुछ दिनों से लगातार मिसाइल और ड्रोन हमले हो रहे हैं जिससे देश में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। कुवैती सेना और एयर डिफेंस सिस्टम इन हमलों को रोकने के लिए पूरी तरह सक्रिय हैं और दर्जनों खतरों को नाकाम किया गया है। जनरल स्टाफ ऑफ द आर्मी ने पुष्टि की है कि शुक्रवार सुबह भी कई मिसाइलों को सफलतापूर्वक बीच में ही रोक दिया गया। इन हमलों का असर कुवैत इंटरनेशनल एयरपोर्ट और तेल रिफाइनरी जैसे महत्वपूर्ण स्थानों पर भी देखने को मिला है।
पिछले 24 घंटों में क्या हुआ और सेना ने क्या कदम उठाए?
कुवैत के रक्षा मंत्रालय ने बताया है कि सेना ने अपनी सीमा में 20 बैलिस्टिक मिसाइल और 9 दुश्मन ड्रोन का पता लगाया था। इनमें से 13 मिसाइलों को आसमान में ही नष्ट कर दिया गया जबकि 7 मिसाइलें रिहायशी इलाकों से बाहर गिरीं। नेशनल गार्ड ने भी कार्रवाई करते हुए कई ड्रोन मार गिराए हैं। मंत्रालय के प्रवक्ता कर्नल Saud Al-Atwan ने कहा है कि सेना देश की सुरक्षा के लिए पूरी तरह तैयार है। स्थानीय लोगों और प्रवासियों से अपील की गई है कि वे शांत रहें और सरकारी निर्देशों का पालन करें।
हमलों का असर और प्रवासियों के लिए जरूरी जानकारी
इन हमलों के कारण कुवैत के बुनियादी ढांचे और हवाई यात्रा पर सीधा असर पड़ा है। कुवैत में रहने वाले भारतीयों और अन्य प्रवासियों को सुरक्षा के प्रति सतर्क रहने की सलाह दी गई है। पिछले कुछ दिनों की घटनाओं का विवरण नीचे दिया गया है:
| तारीख | प्रमुख घटना और नुकसान |
|---|---|
| 26 मार्च 2026 | एयरपोर्ट के फ्यूल टैंक में ड्रोन हमले से आग लगी, कोई घायल नहीं हुआ |
| 25 मार्च 2026 | 13 मिसाइलें और 6 ड्रोन नष्ट किए गए, मलबे गिरने की 43 घटनाएं दर्ज |
| 21 मार्च 2026 | एयर डिफेंस ने हमलों की दूसरी लहर को सफलतापूर्वक रोका |
| 20 मार्च 2026 | कुवैत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन की रिफाइनरी में ड्रोन हमले से आग लगी |
| 1 मार्च 2026 | Port of Shuaiba में ड्रोन हमले में 6 अमेरिकी सैनिकों की जान गई |
उड़ानों पर रोक और सुरक्षा अलर्ट
क्षेत्रीय तनाव और लगातार हो रहे हमलों को देखते हुए अमेरिकी दूतावास ने सुरक्षा अलर्ट जारी किया है। दूतावास की जानकारी के अनुसार फिलहाल कुवैत से कमर्शियल उड़ानें नहीं चल रही हैं। इसका सीधा असर उन प्रवासियों पर पड़ रहा है जो भारत या अन्य देशों की यात्रा करने वाले थे। कुवैत की मिनिस्ट्री ऑफ इंटीरियर ने बताया कि वे मिसाइलों के मलबे से होने वाले नुकसान की जांच कर रहे हैं। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि धमाकों की आवाजें एयर डिफेंस सिस्टम के एक्टिव होने की वजह से आ रही हैं और नागरिकों को घबराने की जरूरत नहीं है।




