GCC का ईरान पर बड़ा आरोप, 85% मिसाइल हमले खाड़ी देशों पर हुए, एयर इंडिया ने बढ़ाई 24 अतिरिक्त उड़ानें
रियाद में हुई एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में खाड़ी सहयोग परिषद (GCC) के महासचिव जासिम अल-बुदैवी ने ईरान पर बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि ईरान ने अपनी कार्रवाई में सभी सीमाएं पार कर दी हैं और उसके 85 प्रतिशत से अधिक मिसाइल हमले सीधे तौर पर खाड़ी देशों को निशाना बनाकर किए गए हैं। अल-बुदैवी ने स्पष्ट किया कि खाड़ी देश इन हमलों के जवाब में सभी विकल्पों पर विचार कर रहे हैं, हालांकि वे अब भी कूटनीतिक रास्ते से समाधान निकालने को प्राथमिकता दे रहे हैं।
हाल के दिनों में खाड़ी देशों में क्या घटनाएं हुई हैं?
GCC के महासचिव ने बताया कि ईरान के हमले अंतरराष्ट्रीय कानून और संयुक्त राष्ट्र के चार्टर का उल्लंघन हैं। इन हमलों से न केवल क्षेत्रीय सुरक्षा बल्कि दुनिया की ऊर्जा आपूर्ति को भी खतरा पैदा हो गया है। पिछले कुछ हफ्तों में हुई प्रमुख घटनाओं का विवरण नीचे दिया गया है:
| तारीख | स्थान | घटना का विवरण |
|---|---|---|
| 26 मार्च 2026 | कुवैत | अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे के ईंधन टैंक पर ड्रोन हमले से आग लगी |
| 26 मार्च 2026 | सऊदी अरब | पूर्वी प्रांत में एक दर्जन से अधिक ड्रोन और मिसाइलें रोकी गईं |
| 22 मार्च 2026 | खाड़ी क्षेत्र | तेल सुविधाओं और बुनियादी ढांचे को जानबूझकर निशाना बनाया गया |
| 17 मार्च 2026 | यूएई | अबू धाबी में नागरिक वाहन पर हमले में एक व्यक्ति की मौत हुई |
| 3 मार्च 2026 | कुवैत/रियाद | राजनयिक सुविधाओं और अमेरिकी दूतावास को निशाना बनाने की कोशिश |
भारतीय प्रवासियों और हवाई यात्रियों के लिए क्या है नई जानकारी?
ईरान और खाड़ी देशों के बीच बढ़ते तनाव को देखते हुए हवाई यात्रा करने वाले लोगों, विशेषकर भारतीयों के लिए एयर इंडिया ने बड़ा कदम उठाया है। एयर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस ने खाड़ी देशों में फंसे भारतीय नागरिकों की मदद के लिए भारत और GCC देशों के बीच 24 अतिरिक्त उड़ानों का ऐलान किया है। यह कदम उन लोगों के लिए राहत भरा है जो मौजूदा स्थिति के कारण यात्रा को लेकर चिंतित थे।
- खाड़ी देशों ने साफ किया है कि संयुक्त राष्ट्र चार्टर के अनुच्छेद 51 के तहत उन्हें आत्मरक्षा का पूरा अधिकार है।
- सऊदी अरब और यूएई जैसे देशों में रहने वाले प्रवासियों को स्थानीय सुरक्षा निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है।
- GCC महासचिव के अनुसार क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए ईरान को तुरंत अपनी आक्रामक कार्रवाइयां रोकनी चाहिए।
- किसी भी नए समझौते या बातचीत में खाड़ी देशों को शामिल करना अब अनिवार्य माना जा रहा है।




