Kuwait New Update: कुवैत में ईरानी हमलों के बीच बम निरोधक दस्ता मुस्तैद, अब तक 500 से अधिक जगहों पर गिरा मलबा
कुवैत में 28 फरवरी 2026 से जारी ईरानी हमलों के बीच देश की सुरक्षा एजेंसियां और बम निरोधक दस्ते पूरी तरह अलर्ट पर हैं। मिसाइल और ड्रोन हमलों की वजह से रिहायशी इलाकों और जरूरी ठिकानों पर गिरने वाले मलबे को हटाने के लिए टीमें लगातार काम कर रही हैं। अब तक सैकड़ों बार अलर्ट सायरन बजाए जा चुके हैं और कई खतरनाक मलबों को सुरक्षित तरीके से निष्क्रिय किया गया है। कुवैत के साथ-साथ अन्य खाड़ी देशों ने भी इन हमलों को अपनी सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा बताया है।
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हमलों से जुड़ी मुख्य जानकारी और आंकड़े क्या हैं?
कुवैत के गृह मंत्रालय और सुरक्षा बलों ने पिछले कुछ दिनों में हुई घटनाओं का पूरा डेटा साझा किया है। सुरक्षा बल उन इलाकों में तैनात हैं जहां ड्रोन या मिसाइलों के गिरने की संभावना अधिक है। हमलों के बाद मलबे की जांच करना और उसे हटाना सबसे बड़ी चुनौती है क्योंकि इसमें विस्फोटकों का खतरा बना रहता है।
| विवरण | कुल संख्या / घटना |
|---|---|
| हमलों की शुरुआत | 28 फरवरी 2026 |
| कुल मलबे की रिपोर्ट | 511 से अधिक |
| बम निरोधक दस्ते का रिस्पॉन्स | 200 से अधिक केस |
| सायरन बजने की संख्या | 131 बार |
| प्रमुख निशाना | Kuwait International Airport और Arifjan बेस |
खाड़ी देशों और संयुक्त राष्ट्र का इस पर क्या कहना है?
GCC देशों ने एक साथ मिलकर ईरान के इन हमलों का विरोध किया है। संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद (UNHRC) ने भी एक प्रस्ताव पास कर इन हमलों की निंदा की है। कुवैत के एंबेसडर Naser Abdullah H. M. Alhayen ने इसे देश के अस्तित्व पर संकट बताया है।
- प्रवासियों और स्थानीय नागरिकों को सलाह दी गई है कि वे केवल आधिकारिक खबरों पर भरोसा करें।
- सायरन बजने पर घबराएं नहीं बल्कि तुरंत सुरक्षा नियमों का पालन करें।
- सुरक्षा एजेंसियां रात-दिन पेट्रोलिंग कर रही हैं ताकि किसी भी अनजान वस्तु की सूचना तुरंत मिल सके।
- कुवैत इंटरनेशनल एयरपोर्ट के फ्यूल टैंक पर हुए हमले के बाद सुरक्षा और बढ़ा दी गई है।




