Saudi Arabia New Law: सऊदी अरब में ट्रांसपोर्ट के लिए नया नियम, तीसरे पक्ष के साथ कॉन्ट्रैक्ट करने की मिली छूट
सऊदी अरब ने माल ढुलाई और लॉजिस्टिक्स सेक्टर को और भी बेहतर बनाने के लिए एक बड़ा फैसला लिया है। अब कमर्शियल ट्रांसपोर्ट का लाइसेंस रखने वाली कंपनियां सामान भेजने के लिए तीसरे पक्ष (third party) के साथ कॉन्ट्रैक्ट कर सकेंगी। यह अनुमति एक विशेष आधार पर दी गई है ताकि पड़ोसी देशों तक सामान पहुंचाने की प्रक्रिया को ज्यादा तेज और आसान बनाया जा सके। इस कदम से सऊदी अरब के भीतर और बाहर माल की आवाजाही में काफी सुधार देखने को मिलेगा।
इस नए फैसले से क्या बड़े बदलाव होंगे?
इस नई सुविधा के आने से ट्रांसपोर्ट कंपनियों को काम करने में काफी आसानी होगी। अब कंपनियां अपनी क्षमता बढ़ाने के लिए दूसरी लाइसेंस प्राप्त पार्टियों की मदद ले सकेंगी, जिससे सामान समय पर पहुंच सकेगा। यह नियम खास तौर पर पड़ोसी देशों के साथ व्यापार बढ़ाने के लिए लाया गया है। इससे सप्लाई चेन मजबूत होगी और ट्रांसपोर्ट सेक्टर में काम करने वाले लोगों को नए मौके मिलेंगे। जो प्रवासी और भारतीय लोग सऊदी में ट्रांसपोर्ट या लॉजिस्टिक्स के काम से जुड़े हैं, उनके लिए यह एक बड़ी राहत वाली खबर है क्योंकि इससे काम के अवसर बढ़ेंगे।
ट्रांसपोर्ट सेक्टर के लिए हाल ही में किए गए अन्य बदलाव
सऊदी अरब सरकार ने पिछले कुछ दिनों में ट्रांसपोर्ट सेक्टर को राहत देने के लिए कई और कदम भी उठाए हैं, जिनकी जानकारी नीचे दी गई है:
- ट्रकों की उम्र सीमा: माल ढोने वाले भारी ट्रकों के चलने की उम्र सीमा को बढ़ाकर अब 22 साल कर दिया गया है।
- जीसीसी देशों के लिए नियम: खाड़ी देशों (GCC) के खाली रेफ्रिजरेटेड वाहनों को सऊदी बंदरगाहों और हवाई अड्डों से सामान ले जाने की मंजूरी दी गई है।
- लॉजिस्टिक्स कॉरिडोर: जेद्दा इस्लामिक पोर्ट और लाल सागर के अन्य बंदरगाहों के लिए खास ऑपरेशनल कॉरिडोर बनाए जा रहे हैं।
- सुरक्षा जांच: Transport General Authority (TGA) ने साफ किया है कि सभी ट्रकों को सुरक्षा मानकों और तकनीकी जांच (periodic technical inspections) का पालन करना जरूरी होगा।
इन सभी प्रयासों का मुख्य उद्देश्य सऊदी अरब को एक वैश्विक ट्रेड हब बनाना है। सरकार चाहती है कि बंदरगाहों, हवाई अड्डों और सड़कों के जरिए होने वाला व्यापार बिना किसी रुकावट के चलता रहे। इसके लिए भारी निवेश भी किया जा रहा है और नियमों को पहले से ज्यादा लचीला बनाया जा रहा है ताकि कंपनियों को काम करने में कोई दिक्कत न आए।




