US-Iran के बीच बातचीत की उम्मीद बढ़ी, ट्रंप ने ऊर्जा ठिकानों पर हमले की रोक 6 अप्रैल तक बढ़ाई
अमेरिका के मिडिल ईस्ट दूत Steve Witkoff ने कहा है कि ईरान के साथ इस हफ्ते बातचीत होने के पुख्ता संकेत मिल रहे हैं। कुवैत न्यूज़ एजेंसी (KUNA) के मुताबिक, वाशिंगटन ने ईरान को एक एक्शन लिस्ट भेजी है जिसमें परमाणु कार्यक्रम को लेकर सख्त शर्तें शामिल हैं। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी संकेत दिए हैं कि ईरान अब समझौता करना चाहता है और फिलहाल बातचीत सही दिशा में जा रही है। इस माहौल को देखते हुए ऊर्जा ठिकानों पर हमले की रोक को 6 अप्रैल 2026 तक बढ़ा दिया गया है।
अमेरिका के 15 सूत्रीय शांति प्रस्ताव में क्या है?
अमेरिका ने ईरान को जो प्रस्ताव दिया है, उसमें परमाणु हथियारों को लेकर कड़े नियम रखे गए हैं। अमेरिका चाहता है कि ईरान यूरेनियम संवर्धन (uranium enrichment) पूरी तरह बंद करे ताकि मिडिल ईस्ट में सुरक्षा बनी रहे। इसके अलावा प्रस्ताव में कुछ मुख्य मांगें इस प्रकार हैं:
- फोर्डो परमाणु केंद्र को पूरी तरह बंद करना होगा।
- ईरान को अपना संवर्धित यूरेनियम अमेरिका के हवाले करना होगा।
- भविष्य में यूरेनियम जमा करने पर पूरी तरह पाबंदी होगी।
- शांति बहाल करने के लिए अमेरिका ने 15 बिंदुओं वाली एक पूरी ‘एक्शन लिस्ट’ तैयार की है।
विदेश मंत्री Marco Rubio का कहना है कि ईरान में अमेरिकी ऑपरेशन कुछ ही हफ्तों में खत्म हो सकता है, महीनों तक नहीं चलेगा।
ईरान और मध्यस्थ देशों की क्या भूमिका है?
ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने फिलहाल अमेरिका के साथ सीधी बातचीत से इनकार किया है, लेकिन उन्होंने माना है कि दोस्त देशों के जरिए मैसेज भेजे जा रहे हैं। ओमान और पाकिस्तान इस मामले में अहम भूमिका निभा रहे हैं और मैसेज पहुंचाने का काम कर रहे हैं। जर्मनी की तरफ से भी खबर आई है कि दोनों पक्षों के प्रतिनिधि जल्द ही पाकिस्तान में मुलाकात कर सकते हैं। इससे पहले फरवरी में मस्कट में भी अप्रत्यक्ष बातचीत हो चुकी है।
ईरान ने भी अपनी तरफ से पांच शर्तें रखी हैं, जिनमें भविष्य में हमलों के खिलाफ गारंटी और युद्ध से हुए नुकसान के मुआवजे की मांग शामिल है। फिलहाल तनाव के बीच कूटनीतिक कोशिशें जारी हैं ताकि क्षेत्र में शांति लाई जा सके।




