सऊदी अरब ने UN के नए प्रस्ताव का किया स्वागत, ईरान के हमलों की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर निंदा
सऊदी अरब ने बुधवार, 25 मार्च 2026 को संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद (UNHRC) में ईरान के खिलाफ पास हुए एक प्रस्ताव का जोरदार स्वागत किया है। यह प्रस्ताव ईरान द्वारा खाड़ी क्षेत्र के देशों पर किए गए हमलों और उनके मानवाधिकारों पर पड़ने वाले असर को लेकर लाया गया था। परिषद के 61वें सत्र में इस प्रस्ताव को बिना किसी वोटिंग के सबकी सहमति से स्वीकार कर लिया गया।
किन देशों पर हुए थे हमले और प्रस्ताव में क्या है खास?
इस प्रस्ताव में उन हमलों का जिक्र है जो सऊदी अरब, यूएई, बहरीन, ओमान, कतर, कुवैत और जॉर्डन जैसे देशों पर हुए हैं। इसमें साफ कहा गया है कि ये हमले अंतरराष्ट्रीय कानूनों और देशों की संप्रभुता का उल्लंघन हैं। प्रस्ताव में ऊर्जा से जुड़े बुनियादी ढांचे और समुद्री रास्तों, खास तौर पर Strait of Hormuz में होने वाली गतिविधियों पर चिंता जताई गई है।
- ईरान से क्षेत्रीय सुरक्षा और स्थिरता को खतरा पहुंचाने वाली हरकतों को रोकने के लिए कहा गया है।
- सऊदी अरब के अनुसार, जो देश किसी विवाद में शामिल नहीं हैं, उन्हें निशाना बनाना सीधे तौर पर आक्रामकता है जिसे स्वीकार नहीं किया जा सकता।
- संयुक्त राष्ट्र के अनुसार, इन हमलों में ड्रोन और मिसाइलों का इस्तेमाल हुआ है, जिससे आम लोगों को नुकसान पहुंचा है।
- प्रस्ताव में इन हमलों के लिए जवाबदेही तय करने की बात भी कही गई है।
अंतरराष्ट्रीय समुदाय और खाड़ी देशों का इस पर क्या कहना है?
सऊदी अरब के विदेश मंत्रालय ने कहा कि इस प्रस्ताव का पास होना यह बताता है कि पूरी दुनिया ईरान की इन हरकतों के खिलाफ है। इस प्रस्ताव को GCC के छह देशों और जॉर्डन ने मिलकर पेश किया था, जिसे दुनिया के 100 से ज्यादा देशों ने अपना समर्थन दिया है। संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के विदेश मंत्रालय ने भी इस फैसले को ऐतिहासिक बताया है।
| अहम जानकारी | विवरण |
|---|---|
| प्रस्ताव की तारीख | 25 मार्च 2026 |
| परिषद का सत्र | 61वां सत्र (UNHRC) |
| समर्थन करने वाले देश | 100 से अधिक |
| प्रभावित देश | सऊदी अरब, बहरीन, कुवैत, ओमान, कतर, यूएई, जॉर्डन |




